एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश जेल कर्मचारियों के लिए 19 साल बाद बड़ी राहत: 38 जेलों में 52.15 करोड़ की लागत से बनेंगे 244 नए सरकारी क्वार्टर
भोपाल: मध्य प्रदेश के जेल विभाग में तैनात प्रहरियों और मैदानी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। करीब 19 साल के लंबे अंतराल के बाद राज्य शासन ने जेल कर्मचारियों के आवास संकट को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 52 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट को प्रशासकीय मंजूरी दे दी है, जिसके तहत प्रदेश की 38 जेलों में 244 नए आधुनिक क्वार्टर बनाए जाएंगे।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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19 साल बाद आवासीय योजना को मंजूरी: मध्य प्रदेश जेल विभाग में आखिरी बार वर्ष 2004 से 2007 के बीच लगभग 1200 क्वार्टर्स का निर्माण हुआ था, जिसके बाद से लगातार आवासों की कमी बनी हुई थी। अब जाकर इस नई परियोजना को हरी झंडी मिली है।
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244 नए ‘एच-टाइप’ क्वार्टर और चयन: इस योजना के तहत 38 जेलों (5 जिला जेल और 33 सब-जेल) में ‘एच-टाइप’ (2BHK) फ्लैट्स बनाए जाएंगे। हालांकि इस सूची में भोपाल सेंट्रल जेल शामिल नहीं है, लेकिन भोपाल संभाग के चार पड़ोसी जिलों—रायसेन (28), सीहोर (12), विदिशा (8) और राजगढ़ (8) में कुल 52 नए आवासों का निर्माण किया जाएगा।
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भविष्य की जरूरत और निर्माण एजेंसी: इन आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी गई है। भवनों का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उन पर अतिरिक्त मंजिलें भी बनाई जा सकें। उपलब्ध जगह के आधार पर 4, 8, 12 और 16 आवासों के ब्लॉक बनाए जाएंगे।
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आवासों की कमी अभी भी बरकरार: वर्तमान में जेल विभाग में लगभग 8,000 कर्मचारी पदस्थ हैं और कुल 4,450 आवासों की आवश्यकता है। पुराने और इन 244 नए आवासों को मिलाकर कुल संख्या 1,444 तक ही पहुंचेगी, जिसके चलते 3,000 से अधिक कर्मचारियों को फिलहाल किराए के मकानों में रहना होगा।
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बेहतर कार्यप्रणाली के चलते मिली मंजूरी: जेल डीजी करुण कपूर के दौरों के दौरान कर्मचारियों ने आवास की समस्या रखी थी, जिसके बाद शासन स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष में जेल विभाग द्वारा आवंटित बजट का 92% हिस्सा सफलतापूर्वक उपयोग करने और शानदार परफॉर्मेंस इंडेक्स (1.54) दिखाने के कारण इस प्रोजेक्ट को त्वरित मंजूरी मिली है।




