मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए घोषणा की है कि गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया अब सभी किसानों के लिए खोल दी …और पढ़ें

एमपी में अब अन्नदाता की बल्ले-बल्ले।
HighLights
- एमपी में अब अन्नदाता की बल्ले-बल्ले
- अब 9 मई तक होगी स्लॉट की बुकिंग
- 100 लाख टन उपार्जन का लक्ष्य तय
भोपाल। प्रदेश में अब गेहूं खरीदी सभी पंजीकृत किसानों से एक साथ की जाएगी। छोटे, मझोले और बड़े किसान के बीच कोई अंतर नहीं रहेगा। सभी के लिए स्लाट बुकिंग खोल दी गई है। इसके साथ ही इसकी अवधि में भी वृद्धि कर दी गई है। यह अब 30 अप्रैल के स्थान पर नौ मई तक होगी। सप्ताह में छह दिन यानी शनिवार को भी उपार्जन होगा। इसके साथ ही मानसून सीजन के बाद किसानों को सिंचाई के लिए दिन में ही बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। किसानों के हित में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को रात नौ बजे प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए दी।
गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिकार्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार किया गया। अब गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया गया है। 22 लाख टन की यह वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसे दृष्टिगत रखते हुए स्लाट बुकिंग पूरी तरह से खोल दी गई है। अब शनिवार को भी उपार्जन होगा। किसानों को कोई समस्या न हो, यह हमारी सरकार का संकल्प है।
भू-अर्जन और सिंचाई सुविधाओं पर ऐतिहासिक निर्णय
भू-अर्जन को भी लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हमने किसानों के साथ बीते दो सालों में जो रिश्ता बनाया है, उसे हम आगे भी निभाएंगे। हम हर परिस्थिति में आखिरी दम तक अपने अन्नदाताओं के साथ खड़े रहेंगे।
भावांतर योजना और उड़द पर प्रोत्साहन राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 600 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सोयाबीन के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा से बाजार भाव में वृद्धि हुई है। किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य मिल रहा है। किसान कल्याण वर्ष में मात्र पांच रुपये में कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारी योजना है कि रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी।
खाद की पर्याप्त उपलब्धता और ‘मिल्क कैपिटल’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल युद्ध की स्थिति के बावजूद प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.90 लाख टन है, जो पिछले साल से भी अधिक है। इसी प्रकार अन्य उर्वरक के भी पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसानों को अब बिना लाइन लगाए मनचाहे स्थानों से खाद दिलाने की व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के माध्यम से की गई है। प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। 1,752 नई समितियों का गठन किया है। दुग्ध उत्पादक किसानों को 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।




