एमपी हाउसिंग बोर्ड की संचालक मंडल की बैठक गुरुवार को पर्यावास भवन में आयोजित हुई। बोर्ड बैठक में मकान आवंटन में दिये जाने वाले आरक्षण को लेकर कई महत्व …और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।
HighLights
- हाउसिंग बोर्ड में अब लोकतंत्र सेनानियों को भी मिलेगा आरक्षण
- आरक्षित वर्ग में मकान खरीदने के लिए समग्र आईडी होगी अनिवार्य
- लैंड पूलिंग योजना और 217 करोड़ के नए प्रशासनिक भवन प्रोजेक्ट पर जोर
भोपाल। एमपी हाउसिंग बोर्ड की संचालक मंडल की बैठक गुरुवार को पर्यावास भवन में आयोजित हुई। बैठक में मकान आवंटन, आरक्षण व्यवस्था और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
हाउसिंग बोर्ड के मकानों में अब लोकतंत्र सेनानियों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। अभी तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था, लेकिन अब इस श्रेणी में आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल गए लोकतंत्र सेनानियों को भी शामिल किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल गए लोगों को लोकतंत्र सेनानी माना जाता है।
बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है।
बैठक से पहले नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नवनियुक्त बोर्ड अध्यक्ष को मंडल के कार्यों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी। बैठक में एसीएस संजय दुबे, बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह सहित टीएनसीपी, हूडको और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी उपस्थित रहे।
समग्र आईडी अनिवार्य
हाउसिंग बोर्ड ने आरक्षित वर्ग के तहत मकान लेने वालों के लिए समग्र आईडी अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आरक्षण का लाभ दोबारा न ले सके। नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणी में एक व्यक्ति केवल एक बार ही मकान प्राप्त कर सकता है।
लैंड पूलिंग से आएंगे नए प्रोजेक्ट
बैठक में नए प्रोजेक्ट्स के लिए लैंड पूलिंग योजना पर शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। इससे बोर्ड को जमीन खरीदने में बड़ी पूंजी लगाने से राहत मिलेगी और किसानों को भी फायदा होगा।
सेंट्रल विस्टा और नए कलेक्टर कार्यालय की जानकारी
बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह ने भोपाल में प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा और नए कलेक्टर कार्यालय प्रोजेक्ट की जानकारी संचालक मंडल को दी।
पुराने कलेक्टर कार्यालय की जगह 217 करोड़ रुपये की लागत से नया प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा, जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में होंगे।




