एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी: जल्द भंग होगी प्रदेश कार्यकारिणी; आकार घटकर आधा होगा, नए चेहरों को मिलेगा मौका
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिलने वाला है। पार्टी के भीतर चुनावी हार की समीक्षा और ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत प्रदेश कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर नए सिरे से गठन किए जाने की तैयारी है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बनने वाली इस नई टीम में जहां एक ओर सदस्यों की संख्या 253 से घटाकर करीब 125 तक लाई जाएगी, वहीं वर्ष 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए और सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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छोटी और प्रभावी टीम: वर्तमान 253 सदस्यीय भारी-भरकम कार्यकारिणी का आकार घटाकर लगभग 125 पदाधिकारियों का किया जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली में कसावट लाई जा सके।
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वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों की विदाई: ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के फार्मूले के तहत ऐसे विधायक जो जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी दोनों हैं, उन्हें संगठन दायित्वों से मुक्त किया जा सकता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के कई समर्थकों को संगठन से बाहर होना पड़ सकता है।
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चुनावी राजनीति से इतर काम करने वालों को तरजीह: राहुल गांधी के निर्देशों के अनुरूप उन नेताओं को आगे बढ़ाने पर जोर है जो चुनाव लड़ने के बजाय संगठन को मजबूत करने और पर्दे के पीछे काम करने में रुचि रखते हैं।
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मिशन 2028 की तैयारी: नई कार्यकारिणी ही मध्य प्रदेश में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव की पूरी रणनीति तैयार करेगी और उसका संचालन करेगी।
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। शुरुआती दौर में गुटबाजी और संतुलन बिठाने के चक्कर में कार्यकारिणी का आकार बढ़कर 253 तक पहुंच गया था, जिसमें कई नेताओं के पास दो-दो, तीन-तीन पद (जैसे विधायक जयवर्धन सिंह उपाध्यक्ष होने के साथ गुना जिला अध्यक्ष भी हैं) थे। हालांकि, राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा की गई समीक्षा में यह बात सामने आई कि इस भारी-भरकम ढांचे से संगठन को कोई खास जमीनी लाभ नहीं मिला।
राहुल गांधी का संदेश और नया समीकरण
हाईकमान का स्पष्ट संदेश है कि कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, यदि वह निष्क्रिय है तो उसे बड़ी भूमिका नहीं दी जाएगी। आगामी दो-तीन महीनों में सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर युवा जोश और अनुभव के मिश्रण वाली नई टीम का गठन किया जाएगा, जो पूरी तरह से ‘टीम कांग्रेस’ के रूप में मिशन 2028 की तैयारी में जुटेगी।




