एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण का बड़ा सच: 14.21 लाख एकड़ जंगल भूमि पर कब्जा; संगठित गिरोहों द्वारा सपाट मैदान बनाकर की जा रही खेती
भोपाल: मध्य प्रदेश में पर्यावरण और जैव विविधता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। हालांकि वन विभाग ने पिछले तीन-चार महीनों के भीतर लगभग 2200 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है, लेकिन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में अब भी लगभग 14.21 लाख एकड़ (5,74,963 हेक्टेयर) वन भूमि अतिक्रमणकारियों के अवैध कब्जे में है। जंगलों की जमीन पर कब्जे का यह दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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14.21 लाख एकड़ जमीन पर कब्जा: राज्य के कुल 94.68 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र में से 5.74 लाख हेक्टेयर से अधिक अधिसूचित वन क्षेत्र अतिक्रमण की जद में है।
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बुरहानपुर सबसे ज्यादा प्रभावित: प्रदेश में सबसे अधिक अतिक्रमण बुरहानपुर जिले में है, जहां 1.90 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र में से 52,751 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा है। इसके अलावा रायसेन, आलीराजपुर, छतरपुर और खंडवा में भी बड़े पैमाने पर वन भूमि प्रभावित है।
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संगठित गिरोहों का खेल: जंगल की जमीन हथियाने के लिए 200 से 250 लोगों के संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो अंदरूनी हिस्सों में पेड़ों की कटाई कर उपजाऊ भूमि को कृषि योग्य सपाट मैदानों में बदल देते हैं।
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वन अमले पर हमले: खंडवा, बुरहानपुर और देवास जैसे जिलों में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और वन विभाग की टीमों पर पत्थरबाजी व हमलों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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मुख्यमंत्री की सख्त नाराजगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए हैं कि वनवासियों को कोई परेशानी न हो, लेकिन मैदानी अमला यह सुनिश्चित करे कि अब नया अतिक्रमण बिल्कुल न हो।
जिलेवार अतिक्रमण की स्थिति
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बुरहानपुर: 52,751 हेक्टेयर
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रायसेन वनमंडल: 46,000 हेक्टेयर
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आलीराजपुर: 25,601 हेक्टेयर
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खंडवा वनमंडल: 4,034 हेक्टेयर
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छतरपुर वनमंडल: 12,957 हेक्टेयर
पिछले 5 वर्षों में अतिक्रमण के आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों और प्रभावित क्षेत्र में लगातार वृद्धि हुई है:
| वर्ष | दर्ज प्रकरण | अतिक्रमित क्षेत्र (हेक्टेयर में) |
| 2021 | 1,825 | 2,110.00 |
| 2022 | 1,593 | 3,298.00 |
| 2023 | 1,257 | 2,161.00 |
| 2024 | 1,774 | 4,275.00 |
| 2025 | 2,345 | 4,292.45 |
| कुल योग | 8,794 | 16,136.45 |
वन भूमि पर इस तरह के संगठित और बढ़ते अतिक्रमण पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।




