मध्य प्रदेश में सामान्य रूप से पेट्रोल और डीजल की औसतन बिक्री प्रतिदिन 18,548 किलोलीटर होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह बढ़कर दो गुना से अधिक बढ़ …और पढ़ें

MP में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में भारी उछाल (एआई से जेनरेट किया गया इमेज)
HighLights
- MP में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में भारी उछाल
- 18 हजार से 37 हजार किलोलीटर पहुंची बिक्री
- डर के कारण अधिक खरीद कर रहे हैं उपभोक्ता
भोपाल। मध्य प्रदेश में सामान्य रूप से पेट्रोल और डीजल की औसतन बिक्री प्रतिदिन 18,548 किलोलीटर होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह बढ़कर दो गुना से अधिक बढ़ गई है। अब यह 37 हजार किलोलीटर तक पहुंच गई है।
पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम से भविष्य में संकट की आशंका में लोग पेट्रोल-डीजल की अधिक खरीदारी कर रहे हैं। इसके कारण कई जिलों में कुछ पंपों पर लंबी लाइनें और अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति भी बनी थी।
कमी नहीं पर डर के कारण अधिक खरीद कर रहे हैं उपभोक्ता
कंपनियों के डिपो से डीजल और पेट्रोल की लगातार आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में, पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है। पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति को लेकर भले ही सरकार दावा कर रही है कि उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन लोगों में डर है कि आगे चलकर स्थितियां बिगड़ सकती हैं। इसके कारण पेट्रोल और डीजल की बिक्री बढ़ गई है। जिनके पास एक से अधिक वाहन हैं, वे उन्हें पूरा भरवाकर रख रहे हैं।
स्टॉक की कमी के कारण कुछ पंपों पर सीमित आपूर्ति की व्यवस्था भी लागू कर दी गई। इंटरनेट मीडिया पर राशनिंग की अफवाहें फैलीं तो मालवांचल के कुछ जिलों में पेट्रोल पंपों पर लाइनें लग गईं। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगानी पड़ी।
पर्याप्त भंडार है, अफवाहों पर ध्यान न दें
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त भंडार है और लगातार आपूर्ति भी हो रही है। अफवाहों पर ध्यान न दें। भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है, जिससे आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं है।
ऑयल कंपनी की ओर से दोहराया गया है कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
कालाबाजारी रोकने को 2,046 स्थानों पर जांच कर 2,888 सिलेंडर जब्त
वहीं, प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 2,046 स्थानों पर जांच की गई और 2,888 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। नौ प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई। एलपीजी के बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं।




