मध्य प्रदेश में 10 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीदी शुरू होनी है, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बावजूद नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बैरसिया के भागवती वेयरहाउस का है, जो भाजपा विधायक विष्णु खत्री का बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम:
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समय से पहले भंडारण: खरीदी की आधिकारिक तारीख 10 अप्रैल है, लेकिन इस वेयरहाउस में 24-25 मार्च से ही गेहूं रखवाना शुरू कर दिया गया था।
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निरीक्षण में खुलासा: खाद्य विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान वहां लगभग 500 टन गेहूं सरकारी बारदानों (Gunny bags) में भरा पाया।
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किसानों का रिकॉर्ड: मौके पर मिले रजिस्टर में 35 किसानों के नाम दर्ज थे, जिनका अनाज वहां पहले से जमा किया गया था।
प्रशासनिक कार्रवाई:
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सूची से बाहर: गड़बड़ी मिलने के बाद भागवती वेयरहाउस को उपार्जन केंद्रों (Procurement Centers) की सूची से हटा दिया गया है। अब यहाँ की जगह किसी अन्य केंद्र पर खरीदी की जाएगी।
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सख्त निर्देश: जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने स्पष्ट किया है कि जिन 35 किसानों का अनाज पहले से वहां रखा पाया गया, उनसे समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं की जाएगी।
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अन्य केंद्रों पर भी जांच: खजूरी सड़क और कलाखेड़ी स्थित कुछ अन्य वेयरहाउसों (शिवओम, मंजुला, मां पीतांबरा) में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच एडीएम सुमित कुमार पांडे द्वारा करवाई जा रही है।
विधायक विष्णु खत्री का पक्ष
विधायक ने इसे “किसानों की मदद” करार दिया है। उनका कहना है:
“खरीदी की तारीखें बार-बार बढ़ाई जा रही हैं, जबकि किसानों की फसल कट चुकी है। उनके पास अनाज रखने की जगह नहीं थी, इसलिए प्रबंधक ने इसे सुरक्षित रखवा दिया था। इसमें मेरा कोई निजी लाभ नहीं है।”
उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करने की बात भी कही है।
एक नज़र में आंकड़े:
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जिले में कुल केंद्र: 93
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खरीदी शुरू होने की तिथि: 10 अप्रैल
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पकड़ा गया गेहूं: ~500 टन
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संबंधित किसान: 35




