एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में ई-चालान वसूली का लचर तंत्र: 85% वाहन मालिक नहीं भर रहे जुर्माना; 65 करोड़ में से सिर्फ 8 करोड़ की ही हो पाई वसूली
भोपाल: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए प्रदेश के बड़े शहरों में भले ही आधुनिक कैमरों (आईटीएमएस) और ई-चालान की व्यवस्था कर दी गई हो, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और लचर वसूली तंत्र के कारण यह व्यवस्था कागजी साबित हो रही है। स्थिति यह है कि स्मार्ट सिटी वाले शहरों में कुल ई-चालान का मात्र 12 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही वसूल हो पा रहा है, जबकि 85 प्रतिशत से अधिक वाहन चालक बिना जुर्माना चुकाए आसानी से बच निकल रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और बेअसर दंड: प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2021 में जहां 12,057 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 15,800 तक पहुंच गया है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी अर्थदंड वसूली नहीं हो पा रही है।
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वसूली के बेहद निराशाजनक आंकड़े:
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वर्ष 2025 में सात स्मार्ट सिटी शहरों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना) में लगभग 18 लाख वाहन चालकों के ई-चालान काटे गए, लेकिन इनमें से केवल 2.15 लाख चालकों (लगभग 12%) ने ही जुर्माना भरा।
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वित्तीय रूप से बात करें तो, 65.30 करोड़ रुपये के कुल ई-चालान में से केवल 8.15 करोड़ रुपये ही वसूल हो सके।
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सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों और कमेटियों के दौरों के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। 30 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, 45.25 करोड़ रुपये के कुल बकाया अर्थदंड में से केवल 4.78 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं।
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क्यों नहीं हो पाती वसूली (मुख्य कारण):
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एडीजी (पीटीआरआइ) शाहिद अबसार के अनुसार, ई-चालान की वसूली न होने का सबसे बड़ा कारण वाहन पंजीयन के समय सही और अपडेटेड मोबाइल नंबर का लिंक न होना है।
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कई वाहन मालिकों के मोबाइल नंबर बदल जाते हैं या वे परिवहन कार्यालय में दर्ज पते पर नहीं मिलते, जिससे चालान की सूचना उन तक समय पर नहीं पहुंच पाती।
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किन नियमों के तहत कटते हैं चालान: बिना हेलमेट दोपहिया चलाना, कार में सीट बेल्ट न लगाना, रेड सिग्नल तोड़ना, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, दोपहिया पर तीन सवारी बैठना, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग और बिना वैध बीमा के वाहन चलाना शामिल है।




