एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त: 30 सितंबर तक प्रदेश की सड़कों के सभी गड्ढे भरने के निर्देश; बेसहारा मवेशियों और अतिक्रमण पर भी होगी कार्रवाई
भोपाल: मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न करते हुए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के प्रबंध संचालक भरत यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर तक प्रदेश की सड़कों के सभी गड्ढे हर हाल में भर दिए जाएं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सड़कों के गड्ढे भरने की समयसीमा: बुधवार को सड़क सुरक्षा कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान एमडी भरत यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समयसीमा (30 सितंबर) के भीतर सड़कों के पैच वर्क और गड्ढों को भरने का कार्य पूरा किया जाए।
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बेसहारा मवेशियों के खिलाफ विशेष अभियान: सड़कों पर मवेशियों के बैठने और उनके कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए उनके जमाव वाले स्थान चिह्नित किए जाएंगे। पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों के समन्वय से इन मवेशियों को गोशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर गोशालाओं में अस्थायी शेड भी बनाए जाएंगे और लापरवाह पशुपालकों पर कार्रवाई होगी।
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अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्ती: यातायात को सुगम बनाने और हादसों को टालने के लिए सड़कों के किनारे से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। इसके अलावा निर्माण एजेंसियों को सभी अनुमतियां समय पर लेने के निर्देश दिए गए हैं।
निगरानी और सुरक्षा के अन्य उपाय
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जीरो फैटेलिटी जिले: सुप्रीम कोर्ट कमेटी द्वारा चयनित प्रदेश के नौ ‘जीरो फैटेलिटी’ जिलों में सड़क सुरक्षा उपायों को सबसे पहले और प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
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डैशबोर्ड से मॉनिटरिंग: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) में किए जा रहे सुरक्षा कार्यों की निगरानी के लिए एक विशेष मार्गदर्शक डैशबोर्ड विकसित किया गया है, जिससे कार्यों की प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।
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सेफ स्कूल जोन और हेलमेट अभियान: भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुरूप स्कूलों के पास ‘सेफ स्कूल जोन’ और मॉडल जंक्शन विकसित किए जाएंगे। साथ ही, दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।




