एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी: अब एमपीपीएससी (MPPSC) के जरिए हो सकती हैं उच्च पदों पर नियुक्तियां
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को और अधिक मजबूत करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की तैयारी चल रही है। चर्चा है कि शासन स्तर पर अब अवर सचिव, उप सचिव और अपर सचिव स्तर के पदों पर नियुक्तियां मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से कराए जाने के विकल्प पर गंभीर विचार-मंथन चल रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की पहल: विधानसभा सचिवालय की नियुक्तियों को लेकर समय-समय पर उठने वाले सवालों और विवादों पर रोक लगाने के लिए सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है, ताकि योग्य और कुशल अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
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विधानसभा अध्यक्ष का बयान: विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि सचिवालय में प्रशासनिक दक्षता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रमुख पदों पर भर्तियां पीएससी के माध्यम से हों, जिससे योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित हो सके।
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30 वर्षों के नियुक्ति विवादों पर लगाम: पिछले तीन दशकों में (1993 से अब तक) विधानसभा सचिवालय में क्लर्क से लेकर अपर सचिव और सुरक्षा अधिकारियों तक की नियुक्तियों, पदोन्नति के तौर-तरीकों और दैनिक वेतनभोगियों के समायोजन को लेकर विभिन्न कार्यकाल में सवाल खड़े होते रहे हैं। इस नई व्यवस्था से इन सभी पुराने मामलों पर विराम लगने की उम्मीद है।




