एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से सोमवार से फिर बढ़ेगा बारिश का दायरा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हो रहा है, जिसके प्रभाव से सोमवार (24 अगस्त) से प्रदेशभर में एक बार फिर वर्षा का दायरा बढ़ने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, यह नया वेदर सिस्टम मध्यवर्ती और पश्चिमी जिलों तक अपनी गतिविधि का विस्तार करेगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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नया वेदर सिस्टम सक्रिय: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बना पिछला कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) अभी भी प्रभावी है। अब बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम के सक्रिय होने से अगले सप्ताह भी भारी बारिश का दौर जारी रहने के अनुमान हैं।
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यहाँ दर्ज हुई अति भारी बारिश: पिछले 24 घंटों के दौरान दमोह और जबलपुर जिलों में अति भारी बारिश दर्ज की गई है। दमोह के तेंदुखेड़ा में 130.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा रीवा, मऊगंज, मंडला, दतिया और पन्ना के कई हिस्सों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
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संभावित अवधि और क्षेत्र: मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 23 से 26 अगस्त तक, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 25 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
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इन जिलों में विशेष अलर्ट: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली सहित आसपास के जिलों में बारिश के मजबूत दौर बन सकते हैं।
जलभराव और बाढ़ को लेकर एहतियात
लगातार हो रही बारिश और स्थानीय नालों तथा नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण पूर्वी जिलों में जलभराव और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।




