एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में शक्कर की कीमतों में उछाल: खुदरा बाजार में लगा सीमा का अंकुश, कैफे और चाय सेंटरों पर बढ़ा 20% तक बोझ
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शक्कर की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई के बजट को बिगाड़ दिया है। शहर के बड़े रिटेल स्टोर्स में शक्कर अब खुलेआम मिलने के बजाय ‘राशन’ की तरह सीमित मात्रा (5 से 10 किलो) में दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ कैफे और चाय सेंटरों ने ग्राहकों की जेब पर 20% तक अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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खुदरा बाजार में सीमित बिक्री: खुदरा स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर शक्कर की मांग को देखते हुए प्रति ग्राहक खरीद की सीमा तय कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है।
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कैफे और चाय पर असर: कच्चा माल महंगा होने के कारण शहर के कई कैफेटेरिया और चाय-कॉफी सेंटरों ने अपने उत्पादों के दामों में 20% तक की बढ़ोतरी कर दी है।
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थोक बाजार में राहत: इसके विपरीत, थोक व्यापारी गोपाल बाहेती के अनुसार थोक बाजार में शक्कर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पिछले दिनों की तुलना में थोक कीमतों में करीब 2 रुपये प्रति किलो की नरमी आई है। थोक कारोबारियों का मानना है कि वर्तमान स्थिति को स्टॉक की कमी से जोड़ना सही नहीं है।
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दैनिक खपत: भोपाल शहर में रोजाना करीब 2 हजार क्विंटल (2 लाख किलो) शक्कर की खपत होती है, जिसमें घरेलू इस्तेमाल के साथ होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और मिठाई उद्योग शामिल हैं।
किराना महासंघ की जांच की मांग
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार भाव से बेहद कम कीमत पर शक्कर बेच रही बड़ी रिटेल और ऑनलाइन कंपनियों के स्टॉक, खरीद स्रोत और लागत की पारदर्शी जांच की जाए। महासंघ का कहना है कि इस तरह की प्रमोशनल रणनीतियों से छोटे किराना व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों पर असर पड़ रहा है, जिसकी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।




