एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
RGPV विवाद: गोपनीय प्रश्नपत्र छपाई और पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग; परीक्षा नियंत्रक को हटाने के लिए छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
भोपाल: राजधानी के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में गोपनीय प्रश्नपत्रों की छपाई के ठेके, टेंडर प्रक्रियाओं और पूर्व में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। एनएसयूआई के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही, परीक्षा परिणामों तथा पुनर्मूल्यांकन में हो रही भारी देरी को लेकर परीक्षा नियंत्रक को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सीबीआई जांच की मांग: एनएसयूआई और छात्रों ने आरजीपीवी में हुए पेपर लीक प्रकरण और ग्वालियर में सामने आए मामलों की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
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गोपनीयता और नियमों की अनदेखी का आरोप: छात्रों का आरोप है कि जनवरी 2026 में प्रश्नपत्रों की छपाई का टेंडर देते समय नियमों को ताक पर रखा गया और शर्तों में बदलाव कर मुंबई की एक कंपनी को ठेका दे दिया गया।
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परीक्षा नियंत्रक को हटाने की मांग: परीक्षा परिणाम जारी करने और कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन में लगातार हो रही देरी से परेशान छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल हटाने की मांग की है।
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अन्य प्रमुख मांगें: भोपाल के एसबी पॉलिटेक्निक में परीक्षा के दौरान हुई कथित अनियमितताओं की जांच और विश्वविद्यालय के विभाजन से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को पूरी तरह निरस्त करने की बात ज्ञापन में कही गई है।
क्या हैं मुख्य आरोप?
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पीयूष पवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि गोपनीय प्रश्नपत्र मुद्रण के लिए जारी निविदा में न्यूनतम 20 वर्ष का अनुभव, शासकीय संस्थाओं के लिए काम करने का अनुभव और 50 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर जैसी शर्तें तय थीं। आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों में फेरबदल कर ‘डाइवर्सिफाइड बिजनेस सॉल्यूशंस’ (मुंबई) को ठेका दे दिया, जिसकी पात्रता और अनुभव की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा, ग्वालियर पेपर लीक मामले में केवल एक पेपर निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई गई है कि यह मामला और भी बड़ा हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।




