एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोमांचक मुकाबला 0-0 से ड्रॉ, गोल के अंतर से सेमीफाइनल की रेस से बाहर हुई टीम इंडिया
आम्सटलवेन (नीदरलैंड्स): 2026 महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय महिला हॉकी टीम का सफर समाप्त हो गया है। रविवार (23 अगस्त) को आंसटलवेन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया यह करो या मरो का मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा, जो अंततः 0-0 के बराबरी (ड्रॉ) पर समाप्त हुआ। इस ड्रॉ के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने गोल अंतर के आधार पर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया, जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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वर्चुअल क्वार्टर फाइनल का रोमांच: यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए वर्चुअल क्वार्टर फाइनल की तरह था। मैच की शुरुआत से लेकर अंत तक दोनों पक्षों ने मैदान पर बेहतरीन खेल और कड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन कोई भी टीम निर्धारित समय में एक भी गोल करने में सफल नहीं हो पाई।
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शानदार डिफेंस, लेकिन किस्मत का साथ नहीं: भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई हमलों को नाकाम करने के लिए गजब का डिफेंस दिखाया। गोलकीपर ने कई बेहतरीन गोल बचाए और भारत को हाफटाइम से ठीक पहले पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, जिस पर सलीमा ने प्रयास किया, लेकिन गेंद डिफेंडर के पैर से टकराने के बावजूद गोल में तब्दील नहीं हो सकी।
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गोल अंतर ने तय किया फैसला: मैच से पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया के पास 1-1 अंक था। पूल चरण में ऑस्ट्रेलिया ने 3 गोल किए थे और 5 गंवाए थे, जबकि भारत ने 2 गोल किए और 4 गंवाए थे। गोल औसत बराबर रहने के बाद कुल गोल की गिनती में ऑस्ट्रेलिया एक गोल आगे था, जिसके चलते ड्रॉ होने का फायदा उसे मिला और वह पूल ‘E’ से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई (नीदरलैंड्स पहले ही अपनी जगह पक्की कर चुका है)।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सफर
इस चरण में टीम इंडिया कोई भी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं हो पाई। खेले गए तीन मैचों में से दो मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए, जबकि एक मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, विश्व कप के इस मंच पर भारतीय महिलाओं के संघर्ष और जुझारूपन ने पूरी दुनिया का दिल जीता है।




