एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
सिवनी में किन्नर समाज के दो पक्षों में खूनी संघर्ष: इलाके के बंटवारे और नेग वसूली को लेकर हुए विवाद में 8 घायल, पुलिस जांच में जुटी
सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से किन्नर समाज के दो गुटों के बीच वर्चस्व और क्षेत्र के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद का मामला सामने आया है। स्थानीय और नागपुर (महाराष्ट्र) से आए किन्नरों के बीच हुई हिंसक झड़प में लगभग 8 किन्नर घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
विवाद की मुख्य वजह: पलारी, भोमा, कान्हीवाड़ा, केवलारी और बरघाट जैसे क्षेत्रों में नेग मांगने के पारंपरिक अधिकारों और नई ‘गद्दी’ स्थापित करने को लेकर स्थानीय और बाहरी किन्नरों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो रविवार को उग्र होकर मारपीट में बदल गया।
-
पारंपरिक अधिकार बनाम बाहरी दखल: तिग्गा मोहल्ला निवासी गुरु कशिश (बबली) किन्नर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि सिवनी शहर और आसपास के इलाकों में पीढ़ियों से उनके गुरुओं का पारंपरिक अधिकार रहा है। उनका आरोप है कि नागपुर से आई बेबी किन्नर और उसकी चेली मुस्कान सहित अन्य लोग जबरन इस क्षेत्र में नेग वसूलने और अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
-
8 लोग घायल: दोनों पक्षों के बीच हुई इस झड़प में करीब 8 लोगों को सामान्य चोटें आई हैं। शनिवार को भी कशिश पक्ष ने कोतवाली थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस प्रशासन का रुख
इस पूरे मामले पर एसडीओपी चंचलेश मरकाम ने बताया कि किन्नरों के बीच मारपीट, इलाका कब्जाने और गद्दी स्थापित करने के आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किन्नरों के क्षेत्रों का पारंपरिक बंटवारा उनके अपने गुरुओं और समाज के नियमों के तहत तय होता है, जिसमें प्रशासनिक दखल नहीं होता। हालांकि, कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।




