भोपाल। मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को अब दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की जा रही री-पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि त्विषा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण
मामले की जांच के दौरान केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के विशेषज्ञों ने हाल ही में घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया था। क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक आंकड़ों, तस्वीरों और तकनीकी साक्ष्यों की पुष्टि अब एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से की जाएगी।
विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्षों के साथ करेगी
सूत्रों के अनुसार सीबीआई त्विषा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों का मिलान डमी टेस्ट और फोरेंसिक विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्षों के साथ करेगी। इससे मौत के कारण और समय को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
बयानों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा
जांच एजेंसी इस मामले में प्रमुख गवाहों के बयानों को भी महत्वपूर्ण मान रही है। घटना से पहले त्विषा जिस सैलून में गई थीं, वहां के कर्मचारियों, उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों और घर के आसपास मौजूद पड़ोसियों के बयान जांच का अहम हिस्सा हैं। सीबीआई इन गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराने की तैयारी कर रही है, ताकि जांच को कानूनी रूप से मजबूत आधार मिल सके।
पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ कर चुकी
सूत्रों का कहना है कि मामले के मुख्य आरोपित पति अधिवक्ता समर्थ सिंह और सास, सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह से सीबीआई पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। फिलहाल एजेंसी ने दोबारा पूछताछ की आवश्यकता नहीं समझी है, जिससे संकेत मिलता है कि जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।




