भोपाल जिला न्यायालय में फर्जी बही और आधार कार्ड के जरिए 400-400 में रुपये में बदमाशों की जमानत लेने वाला आरोपी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फर्जी दस …और पढ़ें

फर्जी दस्तावेज के जरिए जमानत दिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो)
HighLights
- फर्जी डॉक्टूमेंट्स से 400 में रुपये में बदमाशों की जमानत लेता था
- कोर्ट में आर्म्स एक्ट के एक आरोपी की जमानत के दौरान पकड़ा गया
- शातिर आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत को गुमराह किया
भोपाल: फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत दिलवाने के मामले में एमपी नगर थाना पुलिस ने फर्जी जमानतदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी दूसरे नाम से फर्जी बही और आधार कार्ड बनवाए था और उन्हीं के जरिए 400-400 में रुपये में बदमाशों की जमानत लेता था।
गुरूवार को वह भोपाल जिला न्यायालय में आर्म्स एक्ट के एक आरोपी की जमानत ले रहा था। जब जज को शंका हुई तो उसके दस्तावेजों की जांच करवाई, जिससे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। आरोपी लंबे समय से बतौर फर्जी जमानतदार बनकर बदमाशों को जमानत दिलवा रहा था। पुलिस उसके पुराने प्रकरणों की जांच भी कर रही है।
सब इंस्पेक्टर शिवेंद्र पाठक के अनुसार 45 वर्षीय रवि मेश्राम, निवासी तुलसी नगर, जिला न्यायालय में रीडर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने एमपी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवनीत गुप्ता (31), निवासी ढाना-सागर एवं हाल पता पिपलिया बाज खां ने एक फर्जी बही (भूमि अभिलेख) तैयार की है। इस बही के आधार पर उसने खुद को जमीन का मालिक दर्शाते हुए अदालत में कमलानगर थाने में आर्म्स एक्ट के आरोपी अजय खरे का जमानतदार बनने का प्रयास किया।
अदालत को करता था गुमराह
जब न्यायालय स्तर पर प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच कराई गई तो बड़ा खुलासा हुआ। खसरा नंबर और भूमि रिकॉर्ड का मिलान करने पर सामने आया कि जिस जमीन को आरोपी अपनी बता रहा था, वह वास्तव में राजकुमार सिंह सिकरवार और सुरेंद्र सिंह के नाम दर्ज है। यानी आरोपी ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत को गुमराह किया।




