अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से खाड़ी देशों में काम कर रहे भोपाल के लोग प्रभावित हैं। प्रतिबंधों के कारण संपर्क सीमित है, परिजन चिंतित हैं और सुरक्षित …और पढ़ें

खाड़ी देशों में हालात चिंताजनक हैं। (फाइल फोटो)
HighLights
- खाड़ी देशों में भोपाल के सैकड़ों लोग फंसे।
- युद्ध चर्चा पर वीडियो कॉल प्रतिबंधित।
- परिजनों को हालात की सटीक जानकारी नहीं।
भोपाल। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े महासंग्राम ने खाड़ी देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। इन देशों में भोपाल और आसपास के जिलों के सैकड़ों लोग काम करने पहुंचे हैं। युद्ध के हालात में वे वहां फंस गए हैं।
प्रभावित परिवारों का दावा है कि खाड़ी देशों में वीडियो कॉल और फोन पर युद्ध की परिस्थितियों की चर्चा आदि पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसकी वजह से उनके अपनों के हालात का ठीक-ठीक समाचार उनको नहीं मिल पा रहा है।
बहन से नहीं हो पा रही बात
- भोपाल के कोहेफिजा निवासी अल्तमश जलाल ने बताया कि उनकी बहन और बहनोई परिवार सहित कतर की राजधानी दोहा में रहते हैं। वे पिछले वर्ष सितंबर में अपनी अम्मी अख्तर जहां के साथ उनसे मिलने गए थे। युद्ध की स्थिति बनने के बाद उनसे संपर्क तो हुआ, लेकिन केवल औपचारिक बात ही हो सकी।
- अल्तमश के अनुसार, वहां की सरकार ने वीडियो कॉल, फोटो साझा करने और युद्ध में नुकसान संबंधी बातचीत पर रोक लगा दी है। इसकी वजह से वे वहां किन हालात में हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनकी अम्मी अख्तर काफी चिंतित हैं, जिन्हें वे दिलासा दे रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य होंगे।
दुबई में फंसा डॉ. सईद का परिवार
- जहांगीराबाद निवासी डॉ. सईद का छोटा बेटा, बहू और साले दुबई में नौकरी करते हैं। अब वहां भी कई प्रकार के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। बच्चों की चिंता में पूरा परिवार व्याकुल है। बेटे की फिक्र में मां बेहद परेशान हैं।
- डा. सईद का कहना है कि वह लगातार संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। परिजन दुआ कर रहे हैं कि यह युद्ध जल्द खत्म हो और क्षेत्र में शांति कायम हो ताकि उनके अपने सुरक्षित लौटें।




