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भोपाल: बिजली बिल वसूली के दौरान ‘गन्ने’ से पिटाई; कर्मचारियों और मकान मालिक के बीच हिंसक झड़प, थाने पहुँचे दोनों पक्ष

भोपाल (27 मार्च 2026): राजधानी के परवलिया थाना अंतर्गत रसूलिया पठार रोड पर गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब बिजली विभाग के कर्मचारियों और बकायादारों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। बकाया बिल की वसूली करने पहुँचे दो कर्मचारियों पर गन्ने से हमला किया गया। मामला यहीं नहीं थमा, हमलावर कर्मचारियों का पीछा करते हुए उनके दफ्तर तक जा धमके।

प्रमुख बिंदु (HighLights):

  • विवाद की वजह: बकाया बिजली बिल की वसूली को लेकर हुई कहासुनी।

  • हमले का हथियार: गन्ने से कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई की गई।

  • दफ्तर में हंगामा: आरोपितों ने बिजली कार्यालय पहुँचकर अधिकारियों से भी अभद्रता की।

  • पुलिस कार्रवाई: परवलिया पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला?

बिजली विभाग के दो कर्मचारी गुरुवार दोपहर लखनलाल मीणा और मनोज मीणा के घर बकाया बिल की राशि लेने पहुँचे थे।

  1. कहा-सुनी: कर्मचारियों का आरोप है कि बिल मांगने पर मकान मालिक भड़क गए। वहीं, मकान मालिकों का आरोप है कि कर्मचारियों ने बिल न भरने की बात पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की।

  2. हिंसक हमला: विवाद बढ़ने पर लखनलाल के बेटे और उसके साथियों ने कर्मचारियों पर गन्ने से हमला कर दिया।

  3. पीछा और दोबारा मारपीट: घायल कर्मचारी जब अपनी जान बचाकर दफ्तर पहुँचे, तो आरोपित वहां भी पहुँच गए और दोबारा मारपीट करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बदतमीजी की।


पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट

घटना के बाद घायल कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। परवलिया थाना प्रभारी हरिशंकर वर्मा के अनुसार:

  • क्रॉस कंप्लेंट: दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

  • कार्रवाई का आधार: कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मारपीट की धाराओं के तहत आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला भी दर्ज हो सकता है।


निष्कर्ष: सरकारी काम में बढ़ती बाधाएं

यह घटना राजधानी में बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वसूली के दौरान आए दिन होने वाली इस तरह की झड़पों से विभाग के काम पर असर पड़ रहा है। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं की शिकायतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वह वसूली की प्रक्रिया को सुरक्षित और गरिमापूर्ण कैसे बनाए।

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