भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत 14.21 किलोमीटर लंबी ब्लू लाइन का काम पिछले साल शुरू हुआ था। वर्तमान में ब्लू लाइन के काम काफी तेजी से चल रहे हैं। …और पढ़ें

भोपाल मेट्रो रेल परियोजना। (एआई से जेनरेट किया गया इमेज)
HighLights
- जेके रोड से पिपलानी तक पिलर तैयार।
- रत्नागिरी कॉरिडोर पर गर्डर लॉन्चिंग शुरू।
- 6 महीने में तैयार होगा भोपाल मेट्रो रूट।
भोपाल। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत 14.21 किलोमीटर लंबी ब्लू लाइन का काम पिछले साल शुरू हुआ था। वर्तमान में ब्लू लाइन के काम काफी तेजी से चल रहे हैं। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जेके रोड से रत्नागिरी तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर पर अब गर्डर रखने की तैयारियां चल रही हैं।
जेके रोड से पिपलानी तक पिलरों का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। वहीं सोनागिरी से लेकर रत्नागिरी तक जमीन के ऊपर पिलर बनाए जाने के लिए पाइलिंग मशीन से खोदाई का काम तेजी से किया जा रहा है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि रूट का यह हिस्सा अगले छह महीनों में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
व्यस्ततम इलाके में राहत की खबर
ज्ञात हो कि जेके रोड से रत्नागिरी तक का यह पूरा स्ट्रेच राजधानी के सबसे व्यस्ततम और औद्योगिक इलाकों में से एक है। यहां मेट्रो का काम तेजी से चलना शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। हालांकि निर्माण कार्य के चलते सड़क की चौड़ाई कम हुई है, लेकिन बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्शन के पुख्ता इंतजामों के चलते यातायात व्यवस्था बनी हुई है।
गर्डर लान्चिंग की तैयारी, हवा में नजर आ रहा ढांचा
पिपलानी में गर्डर लान्चिंग शुरू होने के बाद, मेट्रो ट्रैक का ढांचा हवा में नजर आने लगेगा। यहां मेट्रो ट्रैक के लिए अधिकांश पिलर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। यह इस रूट का एक बड़ा माइलस्टोन है। पिलर के शीर्ष पर पीले और नीले रंग के लोहे के भारी-भरकम ढांचे नजर आ रहे हैं, जो गर्डर को सपोर्ट देने और उन्हें सही जगह पर फिक्स करने के लिए लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में भारी क्रेन की मदद से इन पिलरों के ऊपर गर्डर लान्चिंग का काम शुरू होगा।
जमीन के नीचे पिलर की नींव डालने की तैयारी
सोनागिरी से आगे बढ़ते हुए रत्नागिरी की ओर का नजारा थोड़ा अलग है। यहां जमीन के नीचे का काम शुरू हो चुका है। बैरिकेड्स के पीछे जमीन की खोदाई के लिए एक विशालकाय पाइलिंग मशीन खड़ी हुई है। यह मशीन जमीन में गहरा छेद करेगी, जिसके बाद उसमें लोहे का ढांचा डालकर कंक्रीटिंग की जाएगी। यही जमीन के नीचे की नींव होगी, जिसके ऊपर आने वाले महीनों में मेट्रो ट्रैक को संभालने वाले पिलर खड़े होंगे।
इनका कहना है
‘2028 तक ब्लू लाइन और आरेंज लाइन पर मेट्रो का संचालन पूरी तरह शुरू करना है। रत्नागिरी वाले कॉरिडोर का काम सबसे पहले शुरू किया गया। कॉरिडोर का काम जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।’ – धीरज शुक्ला, जनसंपर्क अधिकारी, एमपी मेट्रो




