फर्जी तरीके से मोबाइल सिम जारी कराने, बेचने और खरीदने वालों के विरुद्ध मध्य प्रदेश साइबर पुलिस अभियान चला रही है। …और पढ़ें

विदेश भेजी जा रही आपकी बैंक किट और सिम। (एआई से जेनरेट किया गया इमेज)
HighLights
- विदेश भेजी जा रही आपकी बैंक किट और सिम
- एमपी साइबर पुलिस का म्यूल खातों पर खुलासा
- दुबई सहित कई देशों में भेजी जा रही बैंक किट
भोपाल। फर्जी तरीके से मोबाइल सिम जारी कराने, बेचने और खरीदने वालों के विरुद्ध मध्य प्रदेश साइबर पुलिस अभियान चला रही है। पता चला है कि साइबर ठग लोगों को गुमराह कर उनके सिम ही नहीं, एटीएम कार्ड और पासबुक तक चार से पांच चरणों में दुबई और दूसरे देशों में पहुंचा रहे हैं।
विभिन्न जिलों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
ताजा मामला अनूपपुर जिले का है, जहां आरोपितों को पकड़ा गया तो उनके पास से 165 एटीएम कार्ड मिले हैं। सीहोर के बुधनी में आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 32 सिम जारी करा लिए गए। इस मामले में आरोपितों को पकड़ लिया गया है। फर्जी सिम का उपयोग म्यूल (किराये के) खाते खुलवाने और ओटीपी प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।
प्रदेश में लगभग तीन लाख म्यूल खाते पकड़े जा चुके हैं। जिनमें करीब 50 हजार ऐसे हैं जिनमें ठगी की राशि सबसे पहले आई। इन्हें प्रथम लेयर के खाते कहा जाता है, क्योंकि सबसे पहले राशि इन खातों में आती है। इसके बाद जल्दी-जल्दी दूसरे खातों में ठग इस राशि को स्थानांतरित कर लेते हैं।
म्यूल खाते खुलवाने वाले संगठित गिरोह का खुलासा
प्रदेश के विभिन्न जिलों में ठगी के आरोप में पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला है कि म्यूल खाते खुलवाने के लिए अलग गिरोह काम कर रहे हैं, जबकि ठगी के लिए अलग। म्यूल खाते खुलवाने वालों से मासिक किराये या खाते में आने वाली राशि में कमीशन के आधार पर खाते लिए जाते हैं।
खाता संचालन करने वाले को पहले से बता दिया जाता है कि उसके खाते में ठगी की राशि आने वाली है। ठग उसे निगरानी में भी रखते हैं, जिससे वह खाते में आई ठगी की राशि का इधर-उधर न कर सके। विदेश तक संगठित गिरोह काम कर रहा है। इन्हें पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस की चेतावनी: लालच में न आएं गरीब और कम पढ़े-लिखे लोग
ठग लोगों को बरगलाकर बैंक किट ही ले लेते हैं। जिसमें एटीएम कार्ड, पास बुक, चेक बुक आदि दस्तावेज होते हैं। विंध्य और महाकोशल में इस तरह की ठगी के मामले अधिक आ रहे हैं। ठग गरीब, कम पढ़े-लिखे लोगों के नाम पर म्यूल खाता खुलवाते हैं। ठगी की राशि खाते में आती है तो ठग के बराबर ही खाताधारक भी अपराध में भागीदार माना जाता है। ऐसे में लालच में नहीं आना चाहिए। – प्रणय नागवंशी, एसपी साइबर पुलिस मप्र।




