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भोपाल में आसमान पर जमीन के दाम, 1 अप्रैल से 740 इलाकों में महंगी होगी रजिस्ट्री, 181% तक बढ़ीं कीमतें

 

भोपाल के 740 स्थानों पर एक अप्रैल से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाना महंगा हो जाएगा। इस बार पंजीयन व राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रॉपर्टी के दाम में पांच …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 10:22:11 AM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 10:22:11 AM (IST)

भोपाल में आसमान पर जमीन के दाम, 1 अप्रैल से 740 इलाकों में महंगी होगी रजिस्ट्री, 181% तक बढ़ीं कीमतें

भोपाल में 1 अप्रैल से 740 इलाकों में महंगी होगी रजिस्ट्री

HighLights

  1. भोपाल में 1 अप्रैल से 740 इलाकों में महंगी होगी रजिस्ट्री
  2. 3 साल में 300% तक महंगी हुई जमीन
  3. फिर भी राजस्व बढ़ाने के लिए बढ़ाई गई दरें

भोपाल। जिले के 740 स्थानों पर एक अप्रैल से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाना महंगा हो जाएगा। इस बार पंजीयन व राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रॉपर्टी के दाम में पांच से 181 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव बनाया गया था, जिसे केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने अनुमति दे दी है। ऐसे में अब आम आदमी के बजट से प्रॉपर्टी खरीदना व रजिस्ट्री करवाना बाहर होता जा रहा है। बीते तीन साल में जमीन की कीमतों में करीब 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भूमि उपयोग में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर गाइडलाइन की दरों को हरी झंडी मिल गई है। इनमें दो हजार 177 स्थानों में से 740 पर औसत वृद्धि 12 प्रतिशत की गई है लेकिन हकीकत में इनमें अधिकांश इलाके ऐसे हैं, जिन पर पांच से 188 प्रतिशत तक वृद्धि प्रॉपर्टी की दरों में की गई है। इसका असर प्रॉपर्टी कारोबार पर पड़ेगा, साथ ही जहां पर तेजी से खरीद-फरोख्त चल रही है, उन स्थानों पर अचानक से कारोबार ठप हो जाएगा।

 

प्रॉपर्टी सलाहकारों ने बताया कि तीन साल में जमीन की कीमतों में 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रॉपर्टी के कारोबार में कमी भी सामने आ रही है। पंजीयन विभाग द्वारा भूमि उपयोग में कोई बदलाव नहीं किया जाता है, लेकिन अपना राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए हर साल प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। ऐसे में इन जगहों पर अब भी भूमि उपयोग कृषि है, लेकिन हकीकत में यहां बड़ी-बड़ी कॉलोनियां काटी जा रही हैं। बता दें कि 2015 से 2018 तक शहर के अधिकांश स्थानों पर दाम स्थिर थे, चार साल में औसत बढ़ोतरी महज नौ प्रतिशत थी।

जहां मुआवजा देने की योजना, वहां नहीं बढ़ाए प्रॉपर्टी के दाम

शहर के विभिन्न इलाकों में मेट्रो रेल लाइन, स्टेशन, फ्लाईओवर सहित अन्य शासकीय निर्माण किए जा रहे हैं, ऐसे में इनके लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। इन क्षेत्रों में मुआवजा देने की योजना है, जिसे देखते हुए प्रापर्टी के दामों को स्थिर रखा गया है। अयोध्या बायपास सड़क चौड़ीकरण के चलते दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। कोलार मुख्य मार्ग पर 2023 की गिरावट के बाद तेजी आई और 2026 तक 45.83 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई, जबकि कोलार दामखेड़ा में यह बढ़ोतरी 188.46 प्रतिशत तक पहुंच गई।

बावड़ियाकलां में भी 94 से 161 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, नीलबड़ की अन्य कालोनियों में रिकार्ड बढ़ोतरी की गई है, यहां पर जहां दाम चार हजार से 300 प्रतिशत बढ़ाते हुए 16 हजार रुपये प्रति वर्गफीट कर दिए गए हैं। इसी तरह कटारा हिल्स में 257, गोंदरमऊ में 247, भौंरी में 218, लांबाखेड़ा 172 % तक प्रापर्टी के दामों में वृद्धि की गई है।

भूमि उपयोग में बदलाव किए बिना और मास्टर प्लान के अभाव में हर साल प्रापर्टी की दरों में वृद्धि की जा रही है। पूरी प्रक्रिया को अधिक साइंटिफिक, ट्रांसपेरेंट और प्रैक्टिकल बनाया जाना चाहिए। गाइडलाइन एक गाइडिंग प्रिंसिपल है, इसे एबसोल्यूट मानकर लागू नहीं किया जाना चाहिए। – मनोज मीक, अध्यक्ष क्रेडाई (कंफेडरेशन आफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया)

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