क्या आपकी एक तस्वीर का इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति सैकड़ों सिम कार्ड चला सकता है? जी हां, भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन फेस के तहत एक ऐसी ही स …और पढ़ें
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भोपाल में ‘एक चेहरा, 246 सिम’ का खेल उजागर!
भोपाल। क्या आपकी एक तस्वीर का इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति सैकड़ों सिम कार्ड चला सकता है? जी हां, भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन फेस के तहत एक ऐसी ही सनसनीखेज साजिश को बेनकाब किया है। पुलिस ने जहांगीराबाद और इतवारा के दो ऐसे शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने एआई (AI) को चकमा देने की कोशिश करते हुए एक ही चेहरे पर 246 फर्जी सिम एक्टिवेट कर डालीं। गिरफ्तार आरोपित देवेन्द्र यादव (34) और मोहम्मद सैफ कुरैशी कमीशन के लालच में इस खेल को अंजाम दे रहे थे।
विलय के दौरान टारगेट पूरा करने का लालच
जांच में खुलासा हुआ कि जब दूरसंचार कंपनियों का विलय हो रहा था, तब टारगेट पूरा करने और ज्यादा कमीशन कमाने के लिए इन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। आरोपित अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों के पहचान पत्रों (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) की फोटोकॉपी रख लेते थे। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर, अपने साथी के फोटो के साथ फर्जी फॉर्म भरकर सिम एक्टिवेट कर देते थे। साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने ऑपरेशन फेस (फेशियल ऑथेंटिकेशन एंड कंप्लायंस एनफोर्समेंट) के तहत इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए दोनों पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों का उद्देश्य संभवतः साइबर अपराधों को अंजाम देना था।
जहांगीराबाद और इतवारा के एजेंट शामिल
इस जालसाजी में पुलिस ने ग्वालियर वाली गली बरखेड़ी, थाना जहांगीराबाद निवासी 34 वर्षीय देवेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया है, जो 10वीं पास है और सिम विक्रेता का काम करता है। वहीं दूसरा आरोपित इस्लामपुरा, इतवारा रोड, थाना मंगलवारा निवासी मोहम्मद सैफ कुरैशी है, जो 12वीं पास है और पीओएस (POS) एजेंट के रूप में कार्यरत था।
संचार साथी पोर्टल पर करें जांच
पुलिस ने सावधानी की सलाह दी है कि सिम खरीदते समय यदि विक्रेता बार-बार फोटो या प्रक्रिया दोहराने को कहे, तो सतर्क रहें। आपके नाम पर कितनी सिम सक्रिय हैं, इसकी जांच दूरसंचार विभाग के पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर अवश्य करें। यह आपकी पहचान के दुरुपयोग को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।




