शिकायत में यह स्पष्ट नहीं था कि फोन करने वाले पुलिसकर्मी हैं। कारोबारी ने इसी तरह की शिकायत डीजीपी से भी की थी, जिसकी सीआईडी ने प्रारंभिक जांच की है। …और पढ़ें

CID की रडार पर सागर के मोती नगर पुलिसकर्मी (AI से जनरेट इमेज)
HighLights
- सागर के मोती नगर पुलिसकर्मियों की शिकायत की गई है
- पुलिसकर्मियों ने कोलकाता के कारोबारी से 6 करोड़ की डिमांड की
- CID कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी
भोपाल। पुलिस का भक्षक के रूप में दूसरा चेहरा सागर में सामने आया है। यहां मोती नगर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कोलकाता के एक कारोबारी की शिकायत के आधार पर सीआईडी के विजिलेंस थाने में प्राथमिक जांच (पीई) पंजीबद्ध की गई है। कारोबारी ने कोलकाता के प्रगति मैदान थाने में शिकायत देकर बताया था कि उसके दामाद को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मोती नगर थाने की पुलिस ने जबरदस्ती फंसाया है।
इसके बाद से कुछ फोन आ रहे हैं, जिसमें मामला रफा दफा करने के लिए छह करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। हालांकि, शिकायत में यह स्पष्ट नहीं था कि फोन करने वाले पुलिसकर्मी हैं। कारोबारी ने इसी तरह की शिकायत डीजीपी से भी की थी, जिसकी सीआईडी ने प्रारंभिक जांच की है। रुपये मांगने में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की भूमिका के संदेह में पीई दर्ज की गई है। अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसमें एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। मामला इस प्रकार है कि मोती नगर पुलिस ने एक ड्रग पेडलर को पिछले वर्ष अगस्त में ग्राम एमडी ड्रग्स रखने के आरोप में शिवपुरी से गिरफ्तार किया था। ड्रग्स के साथ पकड़े गए आरोपित ने बताया था कि उसे मुंबई से एक सप्लायर ड्रग्स भेजता है और मुंबई वाले को कोलकाता का एक व्यक्ति सप्लाई करता है।
शिवपुरी से पकड़े गए और कोलकाता के आरोपित के बीच पुलिस की उपस्थिति में फोन पर एक मिनट से भी काम बातचीत हुई। इसी बातचीत के आधार पर कोलकाता के आरोपित को पुलिस ने पकड़ा था। इस मामले में पुलिस कोर्ट में चालान भी प्रस्तुत कर चुकी है। बता दें कि यह वही थाना है जहां से शराब बेचने का मामला सामने आया था। हाई कोर्ट ने भी इसमें संज्ञान लिया था।




