मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए राज्य के छठवें ग्रीनफील्ड फोर-लेन हाईवे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। हाईवे के बन जाने स …और पढ़ें

भोपाल-ग्वालियर के बीच बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाईवे (AI से जनरेट इमेज)
HighLights
- भोपाल-ग्वालियर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा
- हाईवे पूरा होने पर 7 घंटे का सफर 5 घंटे में पूरा होगा
- ग्रीन फील्ड हाईवे 340 से 350 किमी लंबा होगा
भोपाल। मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए राज्य के छठवें ग्रीनफील्ड फोर-लेन हाईवे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह नया कॉरिडोर भोपाल और ग्वालियर के बीच बनाया जाएगा, जो मौजूदा रूट से पूरी तरह अलग और नया होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उच्च स्तर से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और इसके नए रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए इसी महीने टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
दूरी और समय में होगी भारी बचत
वर्तमान में भोपाल से ग्वालियर के बीच सड़क मार्ग की कुल दूरी लगभग 425 किलोमीटर है, जिसे तय करने में यात्रियों को 7 से 8 घंटे का लंबा समय लगता है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के बन जाने से यह दूरी घटकर मात्र 340 से 350 किलोमीटर रह जाएगी। इसके परिणामस्वरूप यात्रा का समय करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा और लोग 5 से साढ़े 5 घंटे में अपना सफर पूरा कर सकेंगे।
3 साल में पूरा होगा काम
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) इस प्रोजेक्ट को बीओटी (Build-Operate-Transfer) मॉडल पर विकसित करने जा रहा है, जिसे अगले 3 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव के अनुसार, इस कॉरिडोर के लिए 70 से 100 मीटर चौड़ी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से 8-लेन में अपग्रेड किया जा सके।
राज्य में पहले ही 5 ग्रीनफील्ड हाईवे मंजूर
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत का 20% हिस्सा केंद्र सरकार, 20% राज्य सरकार और शेष 60% राशि संबंधित कॉन्ट्रैक्टर या एजेंसी द्वारा लगाई जाएगी। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में पांच अन्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना, जबलपुर-आशापुर, भोपाल-इंदौर और सागर-जबलपुर) पहले से ही मंजूर हैं, जिनकी डीपीआर तैयार की जा रही है।




