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एक नाम, तीन आईडी… समग्र डेटाबेस की पड़ताल में बड़ा खुलासा, भोपाल में 11 लाख से ज्यादा लोगों की e-KYC पेंडिंग

 

सरकारी योजनाओं में अनिवार्य समग्र आईडी व्यवस्था की पड़ताल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिले में 31 लाख से अधिक समग्र आइडी धारकों में से …और पढ़ें

 

एक नाम, तीन आईडी... समग्र डेटाबेस की पड़ताल में बड़ा खुलासा, भोपाल में 11 लाख से ज्यादा लोगों की e-KYC पेंडिंग

भोपाल शहर में पांच लाख समग्र आईडी फर्जी (AI से जनरेट इमेज)

HighLights

  1. भोपाल शहर में पांच लाख समग्र आईडी फर्जी
  2. 11.64 लाख लोगों ने नहीं करवाई e-KYC
  3. राजधानी में 31 लाख से अधिक समग्र आईडी धारक

भोपाल। सरकारी योजनाओं में अनिवार्य समग्र आइडी व्यवस्था की पड़ताल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिले में 31 लाख से अधिक समग्र आइडी धारकों में से 11 लाख 64 हजार लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, जबकि अधिकारियों का दावा है कि इनमें पांच लाख से अधिक आइडी फर्जी या डुप्लीकेट हो सकती हैं। आधार लिंकिंग अभियान के दौरान एक व्यक्ति के नाम पर दो से तीन समग्र आईडी मिलने के मामले भी उजागर हुए हैं।

जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं में समग्र आइडी अनिवार्य किए जाने के बाद भोपाल जिले में समग्र डेटा की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आय प्रमाण पत्र, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस, बीपीएल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं के लिए उपयोग की जाने वाली समग्र आइडी में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।

 

आंकड़ों के अनुसार जिले में 31 लाख 18 हजार 715 लोगों ने समग्र आइडी बनवाई है। इनमें से अब तक केवल 19 लाख 48 हजार 693 आइडी ही आधार से लिंक हो सकी हैं, जबकि 11 लाख 64 हजार 837 सदस्यों की ई-केवाईसी लंबित है। समग्र सेल के अधिकारियों का दावा है कि ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया में करीब पांच लाख से अधिक समग्र आइडी फर्जी या डुप्लीकेट होने की संभावना सामने आई है।

फर्जीवाड़ा रोकने आधार से लिंक करवा रहे आईडी

अधिकारियों का कहना है कि समग्र आइडी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्ति को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और एक व्यक्ति एक ही योजना का लाभ एक बार प्राप्त कर सके। लेकिन जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां एक से अधिक समग्र आइडी बनवाकर योजनाओं का लाभ लिया जा रहा था।

इसी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेशभर में समग्र आइडी को आधार से लिंक करने और ई-केवाईसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान पूरा होने के बाद समग्र डेटाबेस अधिक पारदर्शी होगा और योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जा सकेगा।

इनका कहना है

समग्र डेटा को शुद्ध करने के लिए आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर दो से तीन समग्र आइडी बनाई गई थीं। ऐसे डुप्लीकेट रिकॉर्ड को चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पिछले तीन महीनों में लगभग 24 हजार समग्र आइडी निरस्त की जा चुकी हैं। विकास गुप्ता, नोडल अधिकारी, समग्र सेल।

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