भोपाल 5 से 8 अगस्त तक ब्रिक्स संस्कृति बैठकों और महोत्सव की मेजबानी करेगा। एआई, सांस्कृतिक विरासत और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर मंथन होगा…और पढ़ें

भोपाल अगले महीने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। (एआई जनरेटेड)
HighLights
- भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक ब्रिक्स आयोजन होगा।
- ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों और वर्किंग ग्रुप की बैठकें आयोजित होंगी।
- एआई और रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर विस्तृत चर्चा होगी।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अगले महीने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। 5 से 8 अगस्त तक यहां तीसरी ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप (CWG), ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी।
इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि संस्कृति, तकनीक और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
- आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर शिवेंद्र मिश्रा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, परिवहन, आवास, आतिथ्य, स्वच्छता और विभागीय समन्वय सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
- कलेक्टर ने कहा कि यह आयोजन भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने दें। देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
चार दिन तक चलेगा कार्यक्रम
आयोजन के तहत 5 और 6 अगस्त को तीसरी ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक होगी। इसके बाद 6 और 7 अगस्त को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। वहीं 7 और 8 अगस्त को ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर साझा रणनीति और सहयोग को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
तीन प्रमुख मुद्दों पर होगा मंथन
बैठक के दौरान रचनात्मक उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, कलाकारों के कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा औपनिवेशिक काल में देशों से बाहर ले जाई गई सांस्कृतिक धरोहरों और ऐतिहासिक कलाकृतियों की वापसी के प्रयासों पर चर्चा होगी। जलवायु परिवर्तन से निपटने में पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी जीवनशैली की भूमिका भी एजेंडे का अहम हिस्सा रहेगी।
भोपाल को मिलेगा वैश्विक पहचान का अवसर
प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन केवल कूटनीतिक महत्व का नहीं, बल्कि भोपाल और मध्य प्रदेश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का भी अवसर है। आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और मेहमाननवाजी के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।




