Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
तारीख: 24 जुलाई 2026
भोपाल: नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन करने उतरी कांग्रेस को पुलिस और आंतरिक गुटबाजी दोनों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए पैदल मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने पांच नंबर चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई जब कांग्रेसी कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए और बीच सड़क पर जमकर मारपीट शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान आपस में भिड़े कांग्रेसी, कार्यकर्ता लहूलुहान
नीट मामले पर केंद्र सरकार को घेरने पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अचानक विवाद खड़ा हो गया।
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मारपीट का वीडियो वायरल: आरोप है कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने पार्टी के ही एक अन्य कार्यकर्ता माज कुरैशी के साथ जमकर मारपीट की। मारपीट में माज कुरैशी लहूलुहान हो गए, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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आरोप और प्रत्यारोप: पीड़ित माज कुरैशी का दावा है कि विधायक समर्थकों ने उनके साथ बेवजह मारपीट की है। वहीं दूसरी ओर मारपीट करने वाले पक्ष का कहना है कि माज कुरैशी भीड़ का फायदा उठाकर जेब काट रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई।
5 नंबर चौराहे पर पुलिस ने रोका पैदल मार्च
लिंक रोड नंबर-1 स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से 200 से अधिक कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय घेरने के लिए निकले थे।
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बैरिकेडिंग कर रोका: जैसे ही पैदल मार्च रविशंकर मार्केट (5 नंबर) चौराहे के पास पहुँचा, वहाँ पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया।
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20 मिनट चला प्रदर्शन: आगे बढ़ने से रोके जाने पर कांग्रेसी कार्यकर्ता चौराहे पर ही बैठकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान मौजूद विधायक आरिफ मसूद, कांग्रेस नेता संजीव सक्सेना और पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान (गुड्डू) समेत अन्य नेताओं ने अपनी मांगें रखीं:
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नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।
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इस गंभीर विषय पर संसद में तत्काल चर्चा कराई जाए।
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दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और मामले वापस लिए जाएं।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और भाजपा कार्यालय की सुरक्षा के लिए एसीपी और थाना प्रभारियों समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर करीब 20 मिनट में ही प्रदर्शन समाप्त करवा दिया।




