एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: 1.20 करोड़ रुपये में अंडकोष बेचने के लालच में 14 वर्षीय बच्चे की हत्या; बीबीए छात्र समेत 5 गिरफ्तार
भोपाल: राजधानी के तलैया थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर 1.20 करोड़ रुपये में अंडकोष बेचने का एक फर्जी वीडियो देखकर कुछ सिरफिरे युवकों ने 100 रुपये के लालच में 14 वर्षीय एक बालक की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शरीर से गुप्तांग निकाल लिए। जब तीन दिन तक खरीदार नहीं मिले, तो आरोपियों ने उन अंगों को भी छोटे तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड बीबीए छात्र समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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सोशल मीडिया का खतरनाक असर: मुख्य आरोपी और बीबीए छात्र जोहेब खान ने इंस्टाग्राम पर एक फर्जी वीडियो देखा था, जिसमें अंडकोष बेचने पर 1.20 करोड़ रुपये मिलने का दावा किया गया था। इसी लालच में उसने पूरी साजिश रची।
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मास्टरमाइंड की भूमिका: आरोपी जोहेब खुद वारदात में शामिल नहीं हुआ, बल्कि उसने तीन नाबालिगों और 18 वर्षीय आमिर कुरैशी को आगे किया। वह नाबालिगों के सामने डॉक्टर बनकर सफेद कोट और स्टेथोस्कोप पहनकर मिलता था।
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100 रुपये का लालच: मृतक बालक चौराहों पर पेन और चाबी के छल्ले बेचता था। छह अगस्त की दोपहर आरोपियों ने उसे 100 रुपये का लालच देकर सुनसान धोबीघाट इलाके (छोटा तालाब) में बुलाया और चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
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शव की पहचान और खुलासा: 10 अगस्त को तालाब में शव मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों की जांच की। शरीर पर बने ‘शंकर’ नाम के टैटू से मृतक की पहचान हुई, जिसके बाद कड़ियों से कड़ियां जुड़ते हुए पुलिस इस भयानक सच तक पहुंची।
पुलिस जांच और अन्य खुलासे
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अंगों का सौदा न होना: हत्या के बाद आरोपियों ने अंगों को प्लास्टिक की थैली में रखकर खरीदार तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्हें भी तालाब में फेंक दिया।
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पहले भी किया था प्रयास: जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक आरोपी ने तीन अगस्त को अपने ही एक अन्य दोस्त को इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश की थी, जो किसी तरह जान बचाकर भागा था। अब उसने भी पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
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साइबर टीम की जांच: मुख्य आरोपी जोहेब के मोबाइल से वह वीडियो डिलीट मिला है। पुलिस और साइबर सेल अब डिलीट किए गए कंटेंट को रिकवर करने में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि ऐसा भ्रामक और खतरनाक वीडियो किसने अपलोड किया था।




