एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
1985 के बाद कांग्रेस का सबसे बड़ा वैचारिक और संगठनात्मक अभियान: मध्य प्रदेश में कार्यकर्ताओं के लिए चल रहे प्रशिक्षण शिविर, अक्टूबर से बूथ स्तर पर होगी शुरुआत
भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने के लिए एक ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत की है। वर्ष 1985 के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के 40 जिलों में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जबकि शेष 31 जिलों में यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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40 जिलों में शिविर संपन्न: पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेशभर के 40 जिलों में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर पूरे हो चुके हैं। इनमें कांग्रेस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, देश की आजादी में पार्टी की भूमिका, संविधान की रक्षा, मतदाता सूची की सूक्ष्म जांच और बूथ प्रबंधन जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है।
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दिग्गज नेताओं की सक्रिय भागीदारी: इस प्रशिक्षण अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 40 में से 30 जिलों के शिविरों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर विभिन्न सत्रों को संबोधित किया। इसके अलावा 22 जिलों में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शिरकत की।
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सोशल मीडिया और तकनीकी प्रशिक्षण: शिविर के दौरान एक विशेष सत्र पूरी तरह से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर केंद्रित रहा। जिन कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया अकाउंट नहीं थे, उनके अकाउंट वहीं लाइव सेशन में बनवाए गए।
संगठन सृजन अभियान और आगामी दूसरा चरण
प्रदेश में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर धार देने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत हाल ही में ब्लॉक, मंडल और नगर अध्यक्षों का चयन आम सहमति से किया गया है। पहले चरण में इन्हीं पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
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अक्टूबर से शुरू होगा दूसरा चरण: प्रशिक्षण का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। अक्टूबर माह से इसका दूसरा चरण शुरू होगा, जो एक दिवसीय होगा। इस चरण में बूथ लेवल एजेंट (BLA), विधानसभा और पंचायत इकाइयों के अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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महिला व युवा सहभागिता पर जोर: प्रशिक्षण शिविरों में इस बात पर विशेष मंथन किया जा रहा है कि राजनीति में महिलाओं की सहभागिता कैसे बढ़ाई जाए और युवाओं की अपेक्षाओं पर पार्टी किस प्रकार खरी उतरे।
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नई टीमों का गठन: अखिल भारतीय कांग्रेस द्वारा मध्य प्रदेश के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग किए जाने के बाद अब नए सिरे से प्रदेश अध्यक्षों और जिला समन्वय समितियों के माध्यम से नई और सशक्त टीमों के गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।




