Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
तारीख: 24 जुलाई 2026
भोपाल: राजधानी भोपाल में साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपनाकर आम जनता को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐशबाग, टीला जमालपुरा और कोहेफिजा थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ठगों ने ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी, फर्जी यूपीआई प्रक्रिया और टेलीग्राम पर टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर तीन नागरिकों से 80 हजार रुपये से अधिक ठग लिए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तीनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1. डिलीवरी के बहाने वकील के खाते से उड़ाए ₹24,800
टीला जमालपुरा निवासी अधिवक्ता संजय कुमार दुबे ने ऑनलाइन ड्राई फ्रूट्स का ऑर्डर दिया था।
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ऐसे हुई ठगी: ठग ने डिलीवरी एजेंट बनकर कॉल किया और कहा कि उनके घर का पता ट्रेस नहीं हो पा रहा है। इसके बाद उसने गूगल पे (Google Pay) पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया कराने के नाम पर झांसा दिया और दो बार में खाते से ₹24,800 साफ कर दिए।
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पीड़ित ने तुरंत बैंक पहुंचकर अपना खाता ब्लॉक करवाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
2. न OTP दिया न लिंक पर क्लिक; रिटायर्ड बैंक कर्मचारी के खाते से ₹38,000 साफ
कोहेफिजा निवासी 75 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी प्रकाश चंद्र जैन के साथ साइबर ठगी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है।
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बिना यूपीआई/नेट बैंकिंग के कटी रकम: बुजुर्ग के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से ₹38,070 निकाल लिए गए।
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हैरान करने वाली बात: पीड़ित बुजुर्ग ने न तो कभी यूपीआई या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया था और न ही किसी को कोई ओटीपी (OTP) शेयर किया या संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज आने के बाद उन्होंने बैंक और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
3. टेलीग्राम पर प्रीमियम टास्क का झांसा देकर ₹17,800 की चपत
ऐशबाग निवासी मोहम्मद उमर खान को 15 जुलाई को एक अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जहाँ टास्क पूरे करने पर इनाम देने का लालच दिया गया।
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पहले भरोसा जीता, फिर ठगा: शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे करवाने के बाद कुछ पैसे वापस भेजकर उमर का भरोसा जीता गया। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर ‘प्रीमियम टास्क’ के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी में पैसे जमा करवाए गए।
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पीड़ित ने कुल ₹25,800 जमा किए, जिसमें से केवल ₹8,000 ही लौटाए गए और ₹17,800 हड़प लिए गए।
Agrasar India की सावधानियां व सलाह:
डिलीवरी स्कैम से बचें: कोई भी डिलीवरी बॉय यदि पता वेरिफाई करने के लिए ऐप पर कोई प्रोसेस या पैसे भेजने को कहे, तो ऐसा बिल्कुल न करें।
टास्क / पार्ट-टाइम जॉब स्कैम: व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर घर बैठे कमाई या टास्क पूरा करने वाले लुभावने ऑफर्स केवल ठगी का जाल होते हैं।
अज्ञात ट्रांजेक्शन: खाते से अचानक पैसे कटने पर तुरंत अपने बैंक के हेल्पलाइन नंबर या 1930 पर साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराएं।




