एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला: SISF की तीन नई बटालियन का होगा गठन, खंडवा में बनेगी पहली यूनिट; प्रमुख मंदिरों में तैनात होंगे होमगार्ड
भोपाल: राज्य में तेजी से आ रहे निवेश और स्थापित हो रही नई औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। प्रदेश में औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के वास्ते राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की तीन नई बटालियन का गठन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत खंडवा से होगी। इसके अलावा, राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों में भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए होमगार्ड के जवानों की तैनाती का फैसला लिया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
SISF की तीन नई बटालियन: वर्तमान में राज्यभर में करीब 200 औद्योगिक क्षेत्र हैं जिनमें 120 से अधिक बड़ी इकाइयां संचालित हैं। इनकी सुरक्षा के लिए SISF की क्षमता को 2,000 से बढ़ाकर 5,000 जवान किया जाएगा। इनमें से पहली बटालियन खंडवा जिले में स्थापित होगी, जबकि शेष दो के स्थानों का निर्धारण जल्द किया जाएगा। खास बात यह है कि इन जवानों का खर्च संबंधित उद्योगों द्वारा उठाया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
-
विशेष जनजातीय वर्ग के लिए भर्ती: SISF में विशेष पिछड़ी जनजातियों—बैगा, भारिया और सहरिया—के युवाओं के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसके तहत पद आरक्षित किए जाएंगे।
-
प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड की तैनाती: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अब प्रदेश के अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों—जैसे सलकनपुर, खजराना (इन्दौर), मैहर, पीताम्बरा पीठ (दतिया) और ओरछा—की सुरक्षा में भी होमगार्ड के जवानों को तैनात किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से विशेष भर्ती परीक्षा कराई जाएगी, और गृह विभाग इसके नियमों में संशोधन कर रहा है।
पिछड़े जिलों में MSME के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC)
औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग एक नई पॉलिसी लाने जा रहा है। इसके तहत उद्योगों की दृष्टि से पिछड़े जिलों में वहां की जरूरत के अनुसार अत्याधुनिक मशीनरी से लैस कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) विकसित किए जाएंगे, जिन्हें निजी निवेशकों के सहयोग से तैयार किया जाएगा।




