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अब 6 स्पेशल ट्रेनें होंगी नियमित, 150 रुपये तक सस्ता होगा किराया

 

भारतीय रेलवे यात्रियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है, जहां उसने लंबे समय से ‘स्पेशल’ श्रेणी में चल रही 6 प्रमुख ट्रेनों को नियमित एक्सप्रेस में ब …और पढ़ें

 

रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले: अब 6 स्पेशल ट्रेनें होंगी नियमित, 150 रुपये तक सस्ता होगा किराया

रेलवे 6 स्पेशल ट्रेनों को करेगा परमानेंट

HighLights

  1. रेलवे 6 स्पेशल ट्रेनों को करेगा परमानेंट
  2. इससे 10 से 150 रुपये तक सस्ता होगा सफर
  3. इससे छात्रों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा

डिजिटल डेस्क। भारतीय रेलवे यात्रियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) जोन ने लंबे समय से ‘स्पेशल’ श्रेणी में चल रही 6 प्रमुख ट्रेनों को नियमित एक्सप्रेस में बदलने का प्रस्ताव भेजा है। यदि यह निर्णय जुलाई तक लागू हो जाता है, तो इन ट्रेनों में लगने वाला अतिरिक्त चार्ज खत्म हो जाएगा, जिससे यात्रियों के टिकट की कीमतों में 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक की गिरावट आएगी।

इस फैसले से विशेष रूप से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा वर्ग और छात्रों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। नियमित होने वाली सूची में भोपाल से गुजरने वाली आरकेएमपी-अगरतला और जबलपुर-बांद्रा जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।

वर्तमान में स्पेशल ट्रेनों का समय अक्सर बदलता रहता है, लेकिन नियमित होने के बाद इनका संचालन अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगा। पश्चिम मध्य रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के अनुसार, रेलवे का लक्ष्य अधिक से अधिक स्पेशल ट्रेनों को स्थाई श्रेणी में लाना है।

 

500 किमी तक के किराये में इतनी राहत

श्रेणी स्पेशल ट्रेन किराया रेगुलर ट्रेन किराया
जनरल ₹170-190 ₹150-160
स्लीपर ₹360-390 ₹320-340
थर्ड एसी ₹950-1050 ₹850-920
सेकंड एसी ₹1350-1450 ₹1200-1300

इन ट्रेनों को करेंगे स्पेशल से नियमित

  • RKMP-अगरतला-RKMP (01665-01666)
  • जबलपुर-पुणे-जबलपुर (02131-02132)
  • जबलपुर-कोयंबटूर-जबलपुर (02197-02198)
  • रीवा-सीएसएमटी-रीवा (02187-02188)
  • जबलपुर-हावड़ा-जबलपुर (01701-01702)
  • जबलपुर-बांद्रा-जबलपुर (02133-02134)

बीना-भोपाल-इटारसी पर 150 प्रतिशत लोड

बीना-भोपाल-इटारसी के बीच का 280 किलोमीटर का ट्रैक वर्तमान में भारी दबाव में है। अपनी वास्तविक क्षमता से 50% अधिक (यानी 150% लोड) पर संचालित इस रूट से रोजाना लगभग 260 यात्री ट्रेनें और 150 मालगाड़ियां गुजरती हैं। इस अत्यधिक ट्रैफिक के कारण ट्रेनों की लेत-लतीफी और सिग्नल की समस्याएं आम हैं।

इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु रेलवे ने चौथी लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया और तीन साल के निर्माण लक्ष्य के बावजूद, भविष्य में भी इस रूट पर यातायात का भारी दबाव बने रहने की संभावना है।

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