भोपाल: गोकशी मामले में पुलिस जिंसी स्थित बूचड़खाने (Jinsi Slaughterhouse) को सील कर चुकी है और उसके संचालक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है। असलम की गिरफ्तारी और बूचड़खाने के सील होने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब बूचड़खाने के बाहर पुलिस बल तैनात है।
बूचड़खाने के सील होने के बाद सड़क के दूसरी ओर मेट्रो लाइन के नीचे खाली जमीन पर टीन की दीवार खड़ी कर दी गई है, जिसके अंदर भैंसे बांधी गई हैं। रविवार दोपहर एक से दो बजे के बीच उस टीन की दीवार के अंदर एक ट्रक जाता हुआ दिखा। साथ ही उत्तरप्रदेश पासिंग एक क्रेटा गाड़ी भी उसी समय वहां आकर रूकी, जो कि करीब 15 मिनट तक वही खड़ी रही।
बूचड़खाने के बाहर पुलिस के जवानों के साथ कुछ संदिग्ध भी बैठे हुए हैं, जो यहां से गुजरने वालों पर नजर रख रहे हैं। वहीं, पुलिस ने जिस स्लाटर हाउस को सील किया है उसके मेन गेट से लगा हुआ एक अन्य गेट है, जो खुला हुआ है। जिससे लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में बूचड़खाने और उसके आसपास चल रहीं गतिविधियों से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गाड़ियों से मिटाया गया नगर निगम
बूचड़खाने में उपयोग की जाने वाली गाड़ियों को आरोपी असलम चमड़ा ने नगर निगम की गाड़ियों की तरह ही पीले रंग में तैयार कराई थीं। उनके ऊपर काले रंग से नगर पालिका निगम भोपाल भी लिखा हुआ था। हालांकि अब सबूतों से पुलिस की निगरानी में ही छेड़छाड़ जा रही है।
दो दिन पहले तक जिन ट्रकों पर साफ शब्दों में नगर पालिका निगम भोपाल लिखा था, अब उसे पर पील रंग पोत कर उसे मिटा दिया गया है। साथ ही यह ट्रक भी टीन की दीवार के अंदर खड़े हुए थे, जो कि अब उससे बाहर सड़क किनारे खुले में खड़े कर दिए गए हैं।
क्या है मामला
दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को पीएचक्यू के पास विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 टन मांस ले जाता एक ट्रक रोका था, जो जिंसी स्थित बूचड़खाने से निकला था। विहिप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह गोमांस है। पुलिस ने इसके सैंपल मथुरा स्थित एक लैब में जांच के लिए भेजे, जहां से आई रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस ने बूचड़खाने को सील कर दिया और इसके संचालक असलम चमड़ा और ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच के लिए एसआईटी भी बनाई गई है।
महापौर के बंगले की बढ़ाई सुरक्षा
इस मामले में कांग्रेस और हिंदू संगठन महापौर मालती राय के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने महापौर के बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी है। 74 बंगला स्थित महापौर के सरकारी निवास पर पुलिस द्वारा भारी बेरिकेडिंग की गई है। दूसरी ओर पुष्पा नगर, अशोका गार्डन स्थित महापौर के निजी निवास पर भी पुलिस के दो जवान तैनात किए गए हैं।
बूचड़खाने के बाहर पुलिस के अलावा नगर निगम के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। सादे कपड़ों में वही बैठे होंगे। ट्रकों पर रंग बदलना हमारी इंवेस्टिगेशन का पार्ट नहीं है।
– उमेश तिवारी, एसीपी, एसआईटी हेड
बूचड़खाने के बाहर हमने कोई कर्मचारी तैनात नहीं किए हैं। वहां सिर्फ पुलिस के जवान तैनात हैं। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है।
– संस्कृति जैन, निगमायुक्त




