एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / स्थानीय डेस्क
राजस्थान के कोटा में दर्दनाक सड़क हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में भोपाल के चित्रांश के माता-पिता समेत आठ लोगों की मौत, परिवार में पसरा मातम
भोपाल: माता-पिता को तीर्थ दर्शन कराने की चाहत लेकर भोपाल से निकले एक युवक का सपना सड़क पर हुए एक खौफनाक हादसे में हमेशा के लिए उजड़ गया। राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में भोपाल के राजीव नगर निवासी चित्रांश गोडके के माता-पिता—राजकुमार और अनीता समेत कुल आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और माता-पिता की इकलौती संतान चित्रांश इस गहरे सदमे से पूरी तरह टूट चुका है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकला था परिवार: भोपाल के राजीव नगर सेक्टर-ए में रहने वाले सॉफ्टवेयर डेवलपर चित्रांश गोडके ने अपने माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के साथ बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए शुक्रवार शाम एक ट्रैवलर बुक किया था। इस सफर में उसके मामा-मामी, मौसी, उनके बच्चे और कुछ अन्य रिश्तेदार व दोस्त भी शामिल थे।
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कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसा: राजस्थान के कोटा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए इस भीषण हादसे में चित्रांश के पिता राजकुमार, माता अनीता सहित कुल 8 लोगों की जान चली गई। हादसे में चित्रांश खुद भी आगे की सीट पर बैठा था और उसके दाएं हाथ में चोट आई है।
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माता-पिता का इकलौता सहारा था चित्रांश: चित्रांश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता नर्मदापुरम रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। चित्रांश की इच्छा थी कि वह अपने धार्मिक प्रवृत्ति के माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराए, लेकिन यह आस्था का सफर एक भयानक त्रासदी में बदल गया।
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राजीव नगर में मातम: मामा सुरेंद्र ने बताया कि माता-पिता के सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अपने माता-पिता को खोने के बाद चित्रांश गहरे सदमे में है, और भोपाल के राजीव नगर स्थित उनके घर में इस दुखद समाचार के बाद से मातम पसरा हुआ है।




