भोपाल के कोलार रोड स्थित सेमरी जोड़ में रविवार दोपहर करीब एक बजे एक बड़ी लापरवाही ने किसान की महीनों की मेहनत को पलभर में राख कर दिया। बिजली के पोल से …और पढ़ें

बिजली के पोल से गिरी चिंगारी ने 12 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को किया राख
HighLights
- बिजली के पोल से गिरी चिंगारी ने छीना किसान के मुंह का निवाला
- एक ही घटने में 12 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख
- मौके पर लगभग डेढ़ घंटा देरी से दमकल की गाड़ी पहुंची
भोपाल। कोलार रोड स्थित सेमरी जोड़, होली क्रॉस स्कूल के पास रविवार दोपहर करीब एक बजे एक बड़ी लापरवाही ने किसान की महीनों की मेहनत को पलभर में राख कर दिया। बिजली के पोल से गिरी चिंगारी ने खड़ी गेहूं की फसल को आग के हवाले कर दिया। उस वक्त किसान पास ही दूसरे खेत में हार्वेस्टर से कटाई करवा रहा था और अगला नंबर इसी खेत का था, लेकिन उससे पहले ही आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। आग लगते ही आसपास के किसान और राहगीर उसे बुझाने में जुट गए।
12 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख
खेत की रखवाली कर रही महिला बाल्टी और मग्गे से पानी डालती रही, वहीं कई किसानों ने अपनी पानी की मोटरें चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। बावजूद इसके, आग तेजी से फैलती गई और लगभग 12 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान खेत मालिक लगातार फायर ब्रिगेड को फोन करता रहा और अपने परिचित नेताओं से भी मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं पहुंची। लगभग डेढ़ घंटा देरी से जब तक दमकल पहुंची, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
पुलिस ने किसान पर ही उठाए सवाल
देरी से पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने दमकल कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा अब क्या करोगे वापस जाओ। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि वह गाड़ी को खेत में घुसने क्यों नहीं दे रहा, यहां तक कि शराब पीने का आरोप भी लगा दिया। इस पर नाराज किसान ने जवाब दिया कि पूरे इलाके में पूछ लिया जाए, वह शराब नहीं पीता है उस पर गलत आरोप लगाए जा रहा हैं। किसान का तर्क था कि जब आग बुझ चुकी है, तो जले हुए खेत में पानी डालने का क्या फायदा।
दमकलकर्मी ने बताई अपनी मजबूरी
बाद में किसान ने क्षेत्रीय विधायक को फोन लगाया, जिसके बाद पुलिस वहां से निकल गई। दमकल कर्मी ने हाथ जोड़कर अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वह माता मंदिर फायर स्टेशन से आया है और पहले न्यू मार्केट खंती में लगी आग बुझा रहा था, जबकि कोलार फायर स्टेशन की गाड़ी खराब पड़ी है। इसके बाद किसान ने उसे किनारे-किनारे पानी डालने की अनुमति दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसान अपने परिचित नेताओं को फोन लगाकर दुख जताता रहा कि समय पर कोई मदद नहीं मिली। उसका दर्द साफ झलक रहा था “बस दो घंटे बाद ही यह फसल कटने वाली थी, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।’




