कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री पीपी शर्मा विधानसभा पहुंचे। रिटर्निंग आफिसर अरविंद शर्मा से मुलाकात कर कहा कि नामांकन वापसी का अंतिम समय तीन बजे तक है। इसक …और पढ़ें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री पीपी शर्मा विधानसभा पहुंचे और रिटर्निंग आफिसर मुलाकात मिले। फोटो- आयोजक
HighLights
- पूर्व मंत्री पीपी शर्मा ने रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा से मिलकर परिणाम घोषणा पर आपत्ति जताई
- कांग्रेस : नामांकन वापसी की समय-सीमा तीन बजे तक है, उससे पहले परिणाम घोषित न किए जाएं
- नामांकन निरस्तीकरण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने का हवाला देकर कांग्रेस ने जल्दबाजी का आरोप लगाया
भोपाल।मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पीपी शर्मा गुरुवार को विधानसभा पहुंचे और राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
पीपी शर्मा ने कहा कि नामांकन वापसी की अंतिम समय-सीमा दोपहर तीन बजे तक निर्धारित है। ऐसे में इस अवधि के समाप्त होने से पहले चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अंतिम समय सीमा पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।
अधिकारियों की भूमिका पर जताया संदेह
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी सुबह करीब साढ़े नौ बजे से ही निर्वाचन प्रमाण-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गए थे। उनका कहना है कि इससे यह संदेश जाता है कि अधिकारियों ने पहले से ही भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने का मन बना लिया था।
पीपी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन द्वारा नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है। ऐसे में न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में जल्दबाजी उचित नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक और कानूनी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रही है।




