एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन: एमपी सरकार देगी बंपर सब्सिडी और सुविधाएं, कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान
भोपाल: मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। ग्वालियर में देश के पहले समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) की स्थापना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सरकार की आकर्षक औद्योगिक नीतियों और रियायतों के चलते देश की कई बड़ी कंपनियों ने इस ज़ोन में भारी-भरकम निवेश करने की पहल की है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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देश का पहला TMZ: ग्वालियर में स्थापित होने वाला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन भारत का अपनी तरह का पहला समर्पित ज़ोन होगा।
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बड़ा रोजगार सृजन: इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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आकर्षक रियायतें: निवेशकों को बेहद सस्ती दरों पर जमीन, बिजली, पानी और भारी-भरकम पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) दी जाएगी।
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कंपनियों का उत्साह: नई दिल्ली के आयोजन के बाद ही कई दिग्गज औद्योगिक घरानों ने प्रोजेक्ट में निवेश करने का ऐलान कर दिया है।
दिग्गजों ने क्या कहा?
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता निवेशकों के साथ सरकार की ‘साझेदारी की भावना’ है। सरकार उद्योगों को केवल स्थापित नहीं कराती, बल्कि उनके विस्तार में सहयात्री बनती है। ग्वालियर का TMZ दूरसंचार उद्योग को आधुनिक अधोसंरचना और वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं देगा।
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया: केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। देश में प्रतिवर्ष 33 करोड़ फोन बन रहे हैं और एपल जैसी कंपनियां भी भारत में मैन्युफैक्चरिंग कर रही हैं। ग्वालियर का TMZ ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को नई ऊंचाइयां देगा।
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दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल: उन्होंने कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की साझेदारी से टेलीकॉम सेक्टर को नई दिशा मिल रही है। यहां विकसित होने वाला विश्वस्तरीय टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
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अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई: उन्होंने बताया कि ग्वालियर में TMZ के प्रथम चरण के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसे दूसरे चरण में 400 एकड़ तक बढ़ाया जाएगा। यदि कोई निवेशक 12,000 करोड़ रुपये का निवेश करता है, तो राज्य सरकार विभिन्न पैकेजों के तहत 8,000 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी वापस देगी।
कौन सी कंपनी कितना करेगी निवेश?
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में शुरुआती दौर में ही प्रमुख कंपनियों ने निवेश के प्रस्ताव दिए हैं:
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एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 700 करोड़ रुपये का निवेश (लगभग 1,500 रोजगार)
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अनंत सिस्टम्स: 400 करोड़ रुपये का निवेश (लगभग 500 रोजगार)
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स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड: 200 करोड़ रुपये का निवेश (लगभग 1,200 रोजगार)
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वीएनटी: 150 करोड़ रुपये का निवेश
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टेसकॉम: 100 करोड़ रुपये का निवेश (लगभग 400 रोजगार)
निवेशकों के लिए मध्य प्रदेश सरकार के विशेष प्रोत्साहन (Incentives)
सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई अभूतपूर्व प्रावधान किए हैं:
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भूमि और लीज रियायतें:
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मात्र 1 रुपये की नाममात्र दर पर भूमि प्रीमियम।
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1 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से वार्षिक लीज किराया (जो 30 वर्षों तक स्थिर रहेगा)।
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स्टाम्प शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति।
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सब्सिडी और वित्तीय सहायता:
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पूंजी अनुदान: पात्र निवेश पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान (सीमा 200 करोड़ रुपये तक)।
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वेतन और रोजगार प्रोत्साहन: प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्रतिमाह 5,000 रुपये तक का रोजगार प्रोत्साहन और प्रशिक्षण के लिए प्रति कर्मचारी 13,000 रुपये तक की सहायता।
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विद्युत सहायता: संचालन के शुरुआती 5 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 2 रुपये प्रति यूनिट की भारी रियायत।
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अन्य सुविधाएं:
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जल आपूर्ति के लिए 25 रुपये प्रति किलोलीटर की रियायती दर।
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6 विशेष टेस्टिंग लैब की उपलब्धता।
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निर्यात मालभाड़ा और हरित विनिर्माण (Green Manufacturing) के लिए भी विशेष सहायता का प्रावधान।
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