भोपाल: इंस्टाग्राम पर ‘विदेशी दोस्ती’ पड़ी महंगी; वीजा-पासपोर्ट के नाम पर महिला से ₹1.73 लाख की ठगी, पिपलानी पुलिस ने दर्ज किया केस
भोपाल (29 मार्च 2026): राजधानी के पिपलानी थाना क्षेत्र में रहने वाली 32 वर्षीय महिला के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को विदेशी नागरिक बताकर भारत आने का झांसा दिया और अलग-अलग बहानों से महिला के बैंक खाते से बड़ी रकम ऐंठ ली। साइबर सेल की प्राथमिक जांच के बाद अब पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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सोशल मीडिया का जाल: 11 फरवरी 2026 को इंस्टाग्राम के जरिए ठग और महिला के बीच संपर्क हुआ।
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बहाना: आरोपी ने भारत आने के लिए वीजा और पासपोर्ट बनवाने के नाम पर ‘आर्थिक तंगी’ का रोना रोया।
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लेनदेन: 11 से 19 फरवरी के बीच ₹1,73,204 की राशि क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए ट्रांसफर की गई।
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बैंक: धोखाधड़ी के लिए केनरा बैंक के खाते का इस्तेमाल किया गया।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
ठगों की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) इस मामले में बेहद सोची-समझी थी:
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विश्वास जीतना: शुरुआत में सामान्य बातचीत कर महिला का भरोसा जीता गया।
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इमोशनल ब्लैकमेल: खुद को मुसीबत में बताकर और भारत आकर डॉलर में पैसे वापस करने का लालच देकर महिला को भुगतान के लिए तैयार किया गया।
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QR कोड का इस्तेमाल: ठग ने बैंक अकाउंट नंबर देने के बजाय क्यूआर कोड भेजे, जिससे अक्सर पीड़ित को लगता है कि ट्रांजेक्शन सुरक्षित या छोटा है।
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संपर्क खत्म करना: जैसे ही एक बड़ी रकम हाथ लगी, ठग ने अपना इंस्टाग्राम प्रोफाइल बंद कर दिया और गायब हो गया।
साइबर सुरक्षा मंत्र: ऐसे रहें सुरक्षित
आज के दौर में सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट: विदेशी नागरिक या ‘हाई-प्रोफाइल’ प्रोफाइल वाली अनजान रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
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पैसे की मांग = रेड फ्लैग: अगर कोई व्यक्ति जिसे आप निजी तौर पर नहीं जानते, बीमारी, वीजा या किसी भी आपात स्थिति के नाम पर पैसे मांगता है, तो वह 99% ठग हो सकता है।
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QR कोड स्कैन न करें: कभी भी किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें, खासकर जब वह पैसे भेजने का दावा कर रहा हो (स्कैन करने से पैसे कटते हैं, आते नहीं)।
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तत्काल रिपोर्टिंग: यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी होती है, तो गोल्डन आवर (पहले 2 घंटे) के भीतर 1930 पर कॉल करें। इससे पैसे फ्रीज होने की संभावना बढ़ जाती है।
निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है
पिपलानी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जहाँ पैसे ट्रांसफर हुए हैं। हालांकि, इंटरनेट की दुनिया में अपनी प्राइवेसी और मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना खुद यूजर की पहली जिम्मेदारी है।




