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किराये से लग्जरी गाड़ियां लेकर बेच देता था गैंग, भोपाल में खुला हाईटेक फर्जीवाड़ा

 

बागसेवनिया थाना पुलिस ने किराये पर ली गई लग्जरी कारों को धोखाधड़ी से हड़पकर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये …और पढ़ें

किराये से लग्जरी गाड़ियां लेकर बेच देता था गैंग, भोपाल में खुला हाईटेक फर्जीवाड़ा

HighLights

  1. किराये की लग्जरी कारें लेकर बेचने और गिरवी रखने वाला गिरोह बेनकाब
  2. पुलिस ने 1.10 करोड़ रुपये कीमत के आठ वाहन बरामद किए
  3. मुख्य सरगना समेत कई आरोपी फरार, तलाश जारी

भोपाल। भोपाल में किराये पर लग्जरी कारें लेकर उन्हें सस्ते दामों में बेचने और गिरवी रखने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

बागसेवनिया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 1.10 करोड़ रुपये कीमत के आठ लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से ट्रैवल एजेंसियों और वाहन मालिकों का भरोसा जीतता था। शुरुआत में समय पर भुगतान कर विश्वास हासिल किया जाता, फिर महंगी गाड़ियां किराये पर लेकर उन्हें अपना बताकर बेच दिया जाता था या फिर मोटी रकम के बदले गिरवी रख दिया जाता था।

भरोसा जीता, फिर गायब कर दीं कारें

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार, मिसरोद निवासी सिद्धार्थ मिश्रा वाहन किराये पर देने का व्यवसाय करते हैं। वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात सैयद जमीर से हुई थी। जमीर ने खुद को कार रेंटल कंपनी का संचालक बताते हुए व्यावसायिक संबंध बनाए।

 

शुरुआत में उसने किराये का भुगतान समय पर किया, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उसने कई वाहन किराये पर लिए, लेकिन धीरे-धीरे किराया देना बंद कर दिया और गाड़ियां भी वापस नहीं लौटाईं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरे रैकेट का खुलासा हो गया।

आर्थिक मजबूरी की कहानी सुनाकर बेच देता था वाहन

जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य किराये की गाड़ियों को अपना बताकर दूसरे लोगों के पास गिरवी रख देते थे। कई बार वे आर्थिक संकट या पारिवारिक परेशानी का बहाना बनाकर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर वाहन बेच देते थे

चौंकाने वाली बात यह है कि कई खरीदारों को यह तक पता नहीं था कि जिन गाड़ियों का सौदा हो रहा है, वे वास्तव में किराये पर ली गई हैं।

एक गिरफ्तार, सरगना फरार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल जोशी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 8 वाहन बरामद किए गए। जांच में सैयद जमीर और शम्मी खान को गिरोह का मुख्य संचालक माना जा रहा है। वहीं समीर खान और अनुराग माहेश्वरी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है या नहीं।

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