भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बौछारें तो पड़ीं, लेकिन दिन और रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकार्ड किया गया, जिससे लोग उमस और तपिश से परेशान रहे।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को दिन के समय पश्चिमी मध्य प्रदेश के केवल रायसेन जिले में 61.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि बाकी पश्चिमी जिलों में दिन में कहीं भी पानी नहीं बरसा। भोपाल और उसके आसपास के इलाकों में शाम को हवा में नमी का स्तर 75 फीसद तक पहुंच गया, जिसके कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर पूर्वी इलाकों में मौसम बदलने से कई जिलों में बौछारें पड़ीं। यहां सबसे अधिक 18.0 मिलीमीटर वर्षा सतना में दर्ज हुई। इसके अलावा खजुराहो में 9.0 मिलीमीटर, जबलपुर व नौगांव में 4.0-4.0 मिलीमीटर और सिवनी में 0.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
शाम को इन जिलों में चली आंधी
सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी और विदिशा में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। साथ ही रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, उमरिया, अनुपपुर, खंडवा में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई। रात के समय खरगोन, जबलपुर, बालाघाट, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, श्योपुर, शिवपुरी, सीहोर और छिंदवाड़ा में तेज हवाएं चली।
अगले चार दिन बढ़ेंगी मुश्किलें
गर्मी के मोर्चे पर बालाघाट जिले का मलाजखंड सबसे ज्यादा तपा, जहां दिन का पारा सामान्य से 8.2 डिग्री अधिक यानी 39.8 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं छिंदवाड़ा में तापमान सामान्य से 7.1 डिग्री और मंडला में 5.2 डिग्री ऊपर रहा। बुंदेलखंड और बघेलखंड में भी रातें गर्म बनी हुई हैं।
मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। सोमवार को पूर्वी एमपी के 20 और पश्चिमी एमपी के 4 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| भोपाल | 35.3 | 25.4 |
| इंदौर | 37.1 | 24.6 |
| ग्वालियर | 39.7 | 28.5 |
| जबलपुर | 38.0 | 29.0 |
नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में




