प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी संख्या में तबादला आदेश निरस्त किए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू …और पढ़ें

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर जांच की मांग की है । फाइल फोटो।
HighLights
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तबादलों और उनके निरस्तीकरण में कथित लेन-देन के आरोपों की जांच की मांग की है
- नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा करीब 100 तबादला आदेश निरस्त किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं
- गोदाम विवाद पर पटवारी ने कहा कि अनाज सुरक्षित है और नियमों के तहत गोदाम खाली कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है
भोपाल। प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों पर फिर प्रतिबंध लग गया। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लगभग सौ तबादले निरस्त कर दिए। वहीं शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन की तिथि के बीच ही स्थानांतरण कर दिया गया।
इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को लिखे पत्र में लेन-देन के आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की।
अचानक 100 तबादला आदेश निरस्त किए
उन्होंने कहा कि तबादला अवधि 15 जून निर्धारित थी लेकिन आदेश जारी न हो पाने के कारण 24 घंटे का समय और दिया गया। इस दौरान बड़े पैमाने पर तबादला और निरस्तीकरण के आदेश जारी हुए। अकेले नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लगभग 100 तबादले निरस्त कर दिए।
लेन-देन के आरोप
इंटरनेट मीडिया पर लेन-देन के आरोप संबंधी कई बातें सामने आईं। सरकार की ओर से किसी ने खंडन भी नहीं किया, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि सरकार में बैठे लोगों के भी संज्ञान में यह बात है। इससे सरकार की कार्यप्रणाली और पूरे प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं इसलिए पूरे मामले की जांच कराई जाए।
गोदाम खाली कर दो, दबाब में नहीं आएंगे
पटवारी ने कहा कि राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष संजय नगाइच ने हमारे गोदाम का निरीक्षण किया। जाले लगे होने और गंदगी की बात उठाई। मैंने पहले भी इंदौर प्रशासन और निगम के अधिकारियों को लिखकर दिया है कि अगर खाली कर सकते हैं तो गोदाम खाली कर दें।
हमें कोई आपत्ति नहीं है मगर दबाव में कोई नियम नहीं तोड़ेंगे। पूरा अनाज सुरक्षित है, जब आएंगे तो खाली कर देंगे। हम बेइज्जती कराने के लिए नहीं हैं।




