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20 जुलाई से विधानसभा में पेश करने की तैयारी।
HighLights
- एमपी में इसी मानसून सत्र में आ सकता है UCC
- 2.5 लाख सुझावों के साथ फाइनल ड्राफ्ट तैयार
- 20 जुलाई से विधानसभा में पेश करने की तैयारी
भोपाल। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो सरकार 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र में सामान्य नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक प्रस्तुत कर देगी। इसके लिए गठित समिति ने 22 जून तक आमजन से ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं।
सोमवार को भोपाल में बुलाई गई बड़ी बैठक
इसी दिन सोमवार को भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष-सदस्यों और धर्मगुरुओं की बैठक भी बुलाई गई है। समिति ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को भी फीडबैक देने के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि इसके बाद समिति विधेयक का प्रारूप सरकार को सौंप देगी, जिसे वरिष्ठ सचिव समिति के सामने रखा जाएगा। समिति की हरी झंडी मिलने पर कैबिनेट के अनुमोदन से विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
जनपरामर्श और सुझावों की प्रक्रिया अंतिम चरण में
प्रदेश में यूसीसी लागू करने से पहले आमजन के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वालों से सुझाव लिए जा रहे हैं। जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की बात सुनी गई तो ऑनलाइन सुझाव की सुविधा भी दी गई। अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
गृह विभाग कानून व्यवस्था पर देगा प्रस्तुतीकरण
विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए भोपाल में सोमवार को महिला एवं बाल आयोग के साथ विभिन्न आयोगों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आईएएस अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे समिति के सामने यूसीसी को लेकर अपना पक्ष रखें। गृह विभाग द्वारा कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। वहीं, जिला अधिकारियों के साथ भी जनपरामर्श किया जाएगा।
मिले हैं दो से ढाई लाख सुझाव
सूत्रों का कहना है कि दो से ढाई लाख सुझाव विभिन्न माध्यमों से समिति को मिले हैं। अब इन्हें सूचीबद्ध कर सरकार को की जाने वाली अनुशंसा के साथ विधेयक का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपा जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति इस पर विचार-विमर्श कर हरी झंडी देती है तो फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की बैठक में इसे अंतिम रूप देकर विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाएगी।




