एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में टोल प्लाजा का नया हाईटेक दौर: बिना रुके 100 किमी/घंटा की रफ्तार से कट जाएगा टोल, फंदा टोल प्लाजा पर बैरियर-लेस सिस्टम शुरू
भोपाल: मध्य प्रदेश में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और वाहनों के रुकने की मजबूरी से जल्द ही राहत मिलने वाली है। राज्य के सड़क विकास निगम ने प्रदेश में पहली बार बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम (Barrier-less Tolling System) का पायलट परीक्षण शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत भोपाल-देवास मार्ग पर स्थित फंदा टोल प्लाजा की एक लेन में बिना रुकावट के स्वतः टोल कटने की सुविधा का ट्रायल किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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बिना रुके और बिना बैरियर के सफर: इस अत्याधुनिक व्यवस्था में वाहनों को टोल बूथ पर रुकने या बूम बैरियर के खुलने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन चलते-फिरते ही टोल प्लाजा को पार कर जाएंगे और सिस्टम खुद-ब-खुद टोल राशि काट लेगा।
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100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: नई तकनीक इतनी उन्नत है कि वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गुजरते हुए भी टोल प्लाजा को पार कर सकते हैं। इससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी तथा यातायात का दबाव कम होगा।
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भविष्य की योजना: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के समक्ष इस तकनीक का सफल प्रस्तुतिकरण किया जा चुका है। पायलट परीक्षण के परिणामों का मूल्यांकन करने के बाद, यदि यह सफल रहता है, तो आगामी 1 जनवरी 2027 से भोपाल-देवास मार्ग के सभी टोल प्लाजा की सभी लेनों में इसे स्थायी रूप से लागू करने की योजना है।
यह तकनीक कैसे काम करती है?
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हाईटेक उपकरण: इसके लिए लेन में अत्याधुनिक फास्ट टैग रीडर, हाई-रिजोल्यूशन कैमरे, वाहन डिटेक्शन एवं क्लासिफिकेशन सेंसर, लेन कंट्रोलर और ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सिस्टम लगाए गए हैं। वाहन के गुजरते ही यह सिस्टम फास्ट टैग को रीड कर वाहन की श्रेणी के अनुसार स्वतः टोल राशि की गणना कर लेता है।
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खाते में राशि न होने पर ई-चालान: यदि किसी वाहन के फास्ट टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं है, रजिस्ट्रेशन नंबर में कोई गड़बड़ी है या तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो पाता है, तो सिस्टम वाहन मालिक को ई-चालान जारी करेगा। निर्धारित तीन दिन के भीतर राशि जमा न करने पर नियमानुसार पेनल्टी के साथ वसूली की जाएगी।




