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मध्य प्रदेश में एक ही चेहरे पर सिम निकालने के सबसे ज्यादा मामले विध्य क्षेत्र में

 

भोपाल। साइबर ठगों के लिए मध्य प्रदेश का विंध्य इलाका (रीवा, सतना और सीधी जिला) आसान लक्ष्य बन गया है। ठग क्षेत्र के मजदूरों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बना रहे हैं। सर्वाधिक म्यूल खाते मिलने के बाद अब एक ही फोटो-आइडी से सर्वाधिक 2,279 सिम कार्ड रीवा-सतना में जारी होने का पर्दाफाश हुआ है।

मामले में अभी तक 19 जिलों में 32 एफआईआर दर्ज कर 42 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। एक चेहरे पर सर्वाधिक सिम निकालने का दूसरा बड़ा मामला मुरैना और दतिया जिलों का हैं, यहां 1376 सिम निकाली गई हैं। राज्य साइबर मुख्यालय ने ‘ऑपरेशन फास्ट-2’ के अंतर्गत टेलीकाम कंपनियों के सहयोग से आपरेशन फेस चलाया था, जिसमें विभिन्न जिलों प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।

सिम कार्ड से बैंक में अकाउंट खुलवाकर ओटीपी लेते हैं

साइबर मुख्यालय के मुताबिक विंध्य क्षेत्र में ठगों ने मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है, जिससे उन्हें म्यूल खाते खुलवाने, अवैध तरीके से सिम कार्ड हासिल करने में आसानी होती है। बता दें कि इन सिम कार्ड का उपयोग बैंक खाता खुलवाने और ओटीपी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

भोपाल में सर्वाधिक चार एफआईआर दर्ज कर सात आरोपियों और राजगढ़ में तीन प्रकरण दर्ज कर सात आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। भोपाल, राजगढ़ के अलावा इस तरह के मामले बालाघाट, रीवा, विदिशा, नरसिंहपुर, ग्वालियर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, झाबुआ, देवास, मंदसौर सीहोर और दमोह जिलों में भी सामने आए हैं।

इस तरह जारी कराते थे एक चेहरे से कई सिम कार्ड

सिम कार्ड जारी करने वाले आरोपी साइबर ठगों के गिरोह से मिले हुए थे। वे एक सिम कार्ड के बदले 500 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक गिरोह से वसूलते थे। सिम के लिए आवश्यक दस्तावेज कूटरचित तरीके से तैयार किए जाते थे। उदाहरण के रूप में नई सिम लेने अथवा मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए ग्राहक जो दस्तावेज (आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि) देते थे, उन्हीं की प्रतिलिपि में ये लोग अपना फोटो लगाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे।

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