राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। स्कूल वाहनों की जांच के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने विशेष अभियान प्रारंभ किया है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में स्कूल बसों, वैन व अन्य स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी।
इसमें वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, पंजीयन, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, परिचालक की उपलब्धता, जीपीएस, फर्स्ट-एड बाक्स, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी (जहां लागू हो) सहित अन्य सुरक्षा प्रावधानों के साथ यह भी देखा जाएगा वाहन निर्धारित शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
इसके साथ ही चालक के आचरण, वाहन संचालन की सुरक्षित पद्धति एवं मोटरयान अधिनियम और केंद्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।
22 यात्री बसों के फिटनेस प्रमाण निरस्त
पुलिस परिवहन शोध संस्थान ( पीटीआरआई ) द्वारा परिवहन विभाग के समन्वय से जून में यात्री बसों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। पूरे प्रदेश में 12 हजार 909 बसों की जांच की गई।
बिना फिटनेस, बिना परमिट और अन्य आवश्यक वैध दस्तावेज के बिना संचालित 4,787 बसों के चालान बनाए और 33 लाख रुपये अर्थदंड वसूला गया।
128 बसों में सुरक्षा संबंधी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार उपलब्ध नहीं था या उसके स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं।
विभाग ने 22 बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए, जिससे इनका पंजीयन भी निलंबित हो गया है। कुछ और बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।




