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एमपी में 7,400 मेधावी छात्रों को मिली स्कूटी, CM मोहन यादव बोले- सिर्फ नौकरी नहीं, अब स्टार्टअप का सपना देख रहे बच्चे

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

मेधावी विद्यार्थियों को बड़ा तोहफा: मध्य प्रदेश सरकार ने बांटी 7,400 से अधिक मुफ्त ई-स्कूटी, सीएम मोहन यादव बोले- शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को एक बड़ी सौगात दी है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह की उपस्थिति में आयोजित भव्य समारोह में शासकीय स्कूलों के 7,400 मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त स्कूटी वितरित की गई। यह पुरस्कार उन छात्र-छात्राओं को प्रदान किया गया है जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर अपने-अपने स्कूलों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • सपनों को पंख लगाएगी ई-स्कूटी: कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह स्कूटी बच्चों के भविष्य को संवारने और उनके सपनों को साकार करने में पूरी तरह मददगार साबित होगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन: समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना से छात्रों का आवागमन सुगम होने के साथ-साथ समाज और परिवार में उनका मान-सम्मान भी बढ़ता है। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे सिर्फ नौकरी की तलाश करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्टार्टअप शुरू करने के सपने भी देख रहे हैं।

  • शिक्षा के बजट में ऐतिहासिक वृद्धि: सीएम मोहन यादव ने जानकारी दी कि एक समय पूरे मध्य प्रदेश के सभी विभागों का कुल बजट मिलाकर 22,000 करोड़ रुपये हुआ करता था, जबकि आज अकेले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट बढ़कर 38,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

  • ड्रॉपआउट दर शून्य पर और सरकारी स्कूलों में बढ़ा रुझान: मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में हुई इस वृद्धि का ही परिणाम है कि कभी पहली कक्षा में 16 प्रतिशत बच्चों के स्कूल न पहुंच पाने की स्थिति थी, लेकिन आज ड्रॉपआउट दर घटकर शून्य प्रतिशत पर आ गई है। इसके अलावा, सरकारी विद्यालयों का स्तर सुधरने के कारण अब 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे प्राइवेट स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।

  • पूर्व सरकारों पर तंज और राजनीतिक संदर्भ: सीएम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल पर तंज कसते हुए कहा कि तब बच्चों को पढ़ाई के लिए घर से टाट-पट्टी (बोरा) लेकर स्कूल जाना पड़ता था, जबकि आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम वे अपने कार्यकाल में नहीं कर पाए, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन-धन योजना के तहत जीरो बैलेंस खाते खोलकर पूरा किया।

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