अग्रसर इंडिया न्यूज़
भोपाल न्यूज़ डेस्क | रिपोर्टर: दीपक
MP-STSF एक्सक्लूसिव
फर्स्ट AC कोच से ‘सफाई’ हो रहे थे दुर्लभ जीव! MP-STSF ने लखनऊ से दबोचा कछुआ तस्करी का ‘किंगपिन’, रेलवे अटेंडेंट और पेट शॉप मालिक भी निकले मोहरे!
मास्टरमाइंड गिरफ्तार
लखनऊ से ईनामी आरोपी रविन्द्र उर्फ रमन कश्यप को STSF ने दबोचा
रेलवे कनेक्शन
फर्स्ट एसी कोच के अटेंडेंट और पेट शॉप मालिकों के जरिए फैला था तस्करी का जाल
बड़ी बरामदगी
इंडियन टेंट टर्टल, स्टार टार्टज समेत 313 दुर्लभ कछुए जब्त
फैला था नेटवर्क
नीमच, मंदसौर, इंदौर से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले थे गिरोह के तार
भोपाल। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अंतर्राज्जीय वन्यजीव तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यूपी एसटीएफ के सहयोग से टीम ने लखनऊ से कछुआ तस्करी के मुख्य सरगना रमन कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर अपराधी पिछले दो महीनों से अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को छका रहा था। सोमवार को उसे विशेष न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
दुर्लभ कछुए बरामद
गिरफ्तार आरोपी
कोच में तस्करी
नेटवर्क ध्वस्त
🔴 एसी कोच में छिपा था ‘तस्करी का खजाना’ : इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब एसटीएसएफ और आरपीएफ ने पटना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में छापेमारी की थी। वहां से अजय सिंह राजपूत नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसके पास से 311 दुर्लभ कछुए बरामद हुए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तस्करों ने रेलवे के एसी कोच अटेंडेंट, डॉग ब्रीडर्स और पेट शॉप मालिकों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क बना रखा था, जो मप्र के मालवा अंचल (नीमच, मंदसौर, रतलाम) के साथ-साथ इंदौर और उज्जैन में कछुओं की सप्लाई करता था। रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विलुप्तप्राय प्रजातियों पर था निशाना — पूरी कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 313 कछुओं में इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउंड रिवर टर्टल और स्टार टार्टज जैसी प्रजातियां शामिल हैं। ये सभी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित हैं। पकड़े गए आरोपियों में अब तक कुल 8 लोग शामिल हैं। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं।
🐢 प्राकृतिक रहवास में मिली आजादी : जब्त किए गए सभी कछुओं का विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद, इन सभी कछुओं को उनके सुरक्षित प्राकृतिक रहवास (नदियों और तालाबों) में वापस छोड़ दिया गया है। एसटीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सरगना रमन कश्यप से पूछताछ में कई और बड़े नामों और शहरों के खुलासे होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, तस्करी गिरोह अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की फिराक में था, लेकिन समय रहते सेंध लगा दी गई।
एसी कोच जैसे सुरक्षित माध्यम का उपयोग कर वन्यजीवों की तस्करी करना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध को दर्शाता है। हालांकि, एसटीएसएफ की इस मुस्तैदी ने देशव्यापी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई वन्यजीवों के अवैध व्यापार में लगे अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है। मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने STSF की सराहना करते हुए कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे सुरक्षा बल ने भी जांच में सहयोग कर कड़े कदम उठाने की बात कही है। आगे की जांच में तस्करी के और भी आयाम सामने आ सकते हैं।
अग्रसर इंडिया न्यूज़ डेस्क, भोपाल — इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि वन्यजीव तस्कर अब नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सतर्क एजेंसियां उनसे दो कदम आगे हैं। एसटीएसएफ ने अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया। आम जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।




