इस समस्या के समाधान के लिए उसने मात्र 12 रुपये में स्मार्ट मीटर रजिस्ट्रेशन अपडेट कराने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपित ने पीड़ित के वाट्सएप पर एक लिंक …और पढ़ें

भोपाल में साइबर ठगी।
HighLights
- MPIDC सेवानिवृत्त अधिकारी को भेजा वाट्सएप लिंक।
- क्लिक करते ही ठगों को मिल गया मोबाइल का नियंत्रण।
- फिर उसने बैंक खाते में जमा 1.64 लाख रुपये ठग लिए।
भोपाल। मिसरोद क्षेत्र में स्मार्ट मीटर अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने एमपीईडीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी से 1.64 लाख रुपये ठग लिए। आरोपित ने स्वयं को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और फिर अपडेट करने के नाम पर वाट्सएप लिंक भेजा। उन्होंने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया तो मोबाइल का नियंत्रण ठग के पास चला गया और फिर उसने बैंक खाते में जमा 1.64 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस के अनुसार रोज वुड इंक्लेव, जाटखेड़ी निवासी 65 वर्षीय दिनेश काले एमपीआईडीसी से सेवानिवृत्त हैं। 8 अप्रैल की दोपहर उन्हें एक काल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एमपीईबी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका बिजली बिल अपडेट नहीं है और कनेक्शन कट सकता है।
इस समस्या के समाधान के लिए उसने मात्र 12 रुपये में स्मार्ट मीटर रजिस्ट्रेशन अपडेट कराने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपित ने पीड़ित के वाट्सएप पर एक लिंक भेजी और उसे खोलकर बताए गए निर्देशों का पालन करने को कहा। जैसे ही दिनेश काले ने लिंक ओपन कर फोन-पे पर अपनी जानकारी दर्ज की।
आरोपित ने उनके खाते से राशि ट्रांसफर कर ली। ठगी का एहसास होने पर जब पीड़ित ने आरोपित से संपर्क किया, तो उसे भरोसा दिलाया गया कि 48 घंटे में रकम वापस हो जाएगी, जिसके लिए 800 रुपये और जमा करने होंगे।
भरोसे में आकर पीड़ित ने 10 अप्रैल को यह राशि भी ट्रांसफर कर दी, लेकिन इसके बाद आरोपित का मोबाइल बंद हो गया। मामले की शिकायत साइबर पुलिस में दर्ज कराई गई, जहां से जीरो पर केस दर्ज कर मिसरोद थाने भेजा गया है।




