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भोपाल डबल मर्डर केस में संपत्ति विवाद और करीबी रिश्तेदारों पर पुलिस का फोकस, इन 20 संदिग्धों से पूछताछ जारी

 

भोपाल। ऐशबाग के सुदामा नगर में रेलवे से सेवानिवृत्त हेमंत फिलेमोन उर्फ हेमंत बारिक और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की दोहरे हत्याकांड की जांच अब गहन हो गई है। पुलिस ने जांच का फोकस बाहरी बदमाशों से हटाकर दंपती के करीबी लोगों पर केंद्रित कर दिया है।

संपत्ति के संभावित उत्तराधिकारी, रिश्तेदार, किरायेदार और नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों समेत करीब 20 लोगों की संदिग्ध सूची तैयार कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या किसी ऐसे व्यक्ति ने की है, जिसे दंपती की दिनचर्या, घर और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी थी।

 

घर में मिला हिसाब-किताब का रजिस्टर, दस पुराने फोन

  • रविवार को पुलिस ने लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन चलाया। घर से करीब 10 पुराने मोबाइल फोन, निजी रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य रिकार्ड जब्त किए गए हैं। सभी मोबाइलों की काल हिस्ट्री, संपर्क और डिजिटल डाटा की जांच कराई जा रही है।
  • हालांकि इनमें से अधिकतर फोन खराब थे, जिनमें सिम भी नहीं थी। तलाशी के दौरान पुलिस को हेमंत का निजी रजिस्टर भी मिला है। इसमें कई लोगों से रुपये लेने और देने का हिसाब दर्ज है। रकम बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन पुलिस प्रत्येक नाम की जांच कर रही है।
  • आशंका है कि किसी पुराने लेन-देन या आर्थिक विवाद का संबंध हत्या से हो सकता है। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों के बैंक खातों की जानकारी भी मांगी है। फिलहाल दो पेंशन खाते सामने आए हैं। पहले बेची गई संपत्तियों से मिली रकम कहां खर्च हुई और वर्तमान में बैंक खातों में कितनी राशि है, इसकी भी जांच की जा रही है।

हत्या के खुलासे में ये अहम साबित होंगे

एक किरायेदार बोला: अंकल-आंटी के झगड़े के बाद चली गोली, अगले दिन सिर्फ अंकल दिखे

  • जांच के दौरान एक किरायेदार के बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। उसने पुलिस को बताया कि मंगलवार देर रात दंपती के बीच विवाद हुआ था और इसके बाद दो बार गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी थी। उसने यह भी दावा किया कि अगले दिन उसे केवल हेमंत दिखाई दिए, शकुंतला नजर नहीं आईं। लेकिन पुलिस की जांच में यह बयान पूरी तरह मेल नहीं खा रहा।
  • जांच अधिकारियों को जानकारी मिली है कि बुधवार को शकुंतला की सामने रहने वाली महिला पड़ोसी से बातचीत और हल्की कहासुनी हुई थी। इससे किरायेदार का बयान संदेह के घेरे में आ गया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने गलत जानकारी क्यों दी और क्या वह किसी तथ्य को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

हत्या का समय लगभग तय, बारिश बनी हत्यारे की ढाल

  • तकनीकी जांच में यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि बुधवार शाम छह बजे के बाद ही दोनों की हत्या हुई। शाम तक दंपती ने छत्तीसगढ़ में अपने रिश्तेदारों से सामान्य बातचीत की थी।
  • इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। पुलिस का अनुमान है कि उसी दौरान हुई तेज बारिश और टीन की छत पर पड़ती आवाज ने फायरिंग की आवाज को दबा दिया, जिससे आसपास के लोगों को वारदात का पता नहीं चला।

मालिकाना हक इनका

हेमंत और शकुंतला दोनों की दूसरी शादी थी, भतीजा कानूनन संपत्ति का हकदार

पुलिस की जांच में एक पहलू संपत्ति का मालिकाना हक भी है। हेमंत और शकुंतला दोनों की यह दूसरी शादी थी। वे पहले जीवनसाथियों को तलाक दे चुके थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी। हेमंत के तीन भाई थे, जिनमें दो अविवाहित थे और एक भाई के दो बच्चे हैं, जिन्हें कानूनी उत्तराधिकारी बताया जा रहा है। इनमें मृदुल उर्फ सोनू नामक युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शनिवार से उससे थाने में पूछताछ कर रही है।

भतीजे को उत्तराधिकारी बनाना चाहती थीं शकुंतला

उधर, शकुंतला के मायके पक्ष ने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई विनोद के छोटे बेटे वैभव को संपत्ति देना चाहती थीं। हालांकि 2020 में कार्डियक अरेस्ट से वैभव की मौत हो गई थी। इसके बाद दंपती अक्सर कहते थे कि जो हमारी सेवा करेगा, वही संपत्ति का हकदार होगा।

संदेह के घेरे में कौन-कौन?

  • संपत्ति के संभावित उत्तराधिकारी, जिनका दंपती की संपत्ति पर कानूनी दावा बनता है।
  • मायके और ससुराल पक्ष के करीबी रिश्तेदार, जिन्हें दंपती की आर्थिक स्थिति की जानकारी थी।
  • वे लोग, जिनका दंपती के घर नियमित आना-जाना था।
  • मकान के किरायेदार, विशेषकर जिनके बयान घटनाक्रम से मेल नहीं खा रहे।
  • रजिस्टर में दर्ज लेन-देन से जुड़े लोग, जिनका आर्थिक विवाद सामने आ सकता है।

पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल

  • यदि हत्या लूट के लिए हुई, तो नकदी और दस्तावेज क्यों छोड़े गए?
  • दोनों मोबाइल फोन ही क्यों गायब किए गए?
  • क्या हत्यारा दंपती का भरोसेमंद व्यक्ति था, जिसे घर में बिना विरोध प्रवेश मिला?
  • किरायेदार के बयान और पुलिस जांच में विरोधाभास क्यों है?
  • क्या संपत्ति के उत्तराधिकार को लेकर पर्दे के पीछे कोई विवाद चल रहा था?

संदिग्धों से हो रही पूछताछ

जांच अब संदिग्धों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के मिलान पर केंद्रित है। संदिग्धों और परिवार से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस की सात टीमें जांच में जुटी हैं। संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर

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